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सारनी-जल आंदोलन के रूप में करें जल स्त्रोतों का पुर्नउद्धार – कलेक्टर श्री सूर्यवंशी

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नमामि गंगे परियोजना

जल आंदोलन के रूप में करें जल स्त्रोतों का पुर्नउद्धार – कलेक्टर श्री सूर्यवंशी

5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से मनाया जाएगा जल संरक्षण अभियान

 

सारनी।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के दिन से 15 जून तक जिले में नदी,तालाबों,बावडिय़ों, हैण्डपंप,वॉटर हार्वेस्टिंग के पुर्नउद्धार कार्यक्रम को एक जल आंदोलन के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के समस्त गांवों में पंचायतों में जितने जल स्त्रोत है उसकी सूची बना ले। इसमें कितने स्त्रोत 5 वर्ष पुराने है और कितने 5 वर्ष के अंदर के है को सूचीबद्ध कर लें। उसके बाद उनकी साफ-सफाई और गहरीकरण का कार्य प्रारंभ करें।
कार्य योजना बनाकर करें काम
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कहा कि नगरीय प्रशासन,निकाय, पीएचई और जल संसाधन विभाग जो सीधे रूप से जल स्त्रोतों से जुड़े है, के सब इंजीनियर्स ऐसे स्त्रोत चिन्हित कर ले,जिनका पुर्नउद्धार किया जाना है। बावडिय़ों की साफ-सफाई,उनका गहरीकरण,ऐसे हैण्डपंप जो सूख गए है उन्हें रिचार्ज कराएं। जल स्त्रोतों के आसपास की साफ-सफाई कराएं। नदी के गहरीकरण से निकलने वाली गाद के उपयोग पर ध्यान दें। जल स्त्रोतों को बनाए रखने के लिए उनका पुर्नउद्धार किया जाएगा।
प्रतिदिन मनाया जाए जल समारोह
मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षत जैन ने कहा कि 5 जून से 15 जून तक प्रत्येक गांव में जीर्णोद्धार संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसमें प्राथमिकता के आधार पर जल संवर्धन और जल संरक्षण के अपूर्ण कार्यों को पूरा किया जाए। मनरेगा के अंतर्गत निर्मित तालाब जो 5 वर्ष या उससे अधिक पुराने है के जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण कराया जाए। पुराने कुंए,बावडिय़ों को मनरेगा पुर्नउद्धार किया जाएगा।
कैचमेंट क्षेत्र का हटाए अतिक्रमण
जन अभियान परिषद की सहभागिता से नदी, तालाबों के कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाकर फीडर चैनल बनाकर जल संवर्धन में वृद्धि की जाएगी। पानी के रिसाव रोकने,पूर्व निर्मित तालाबों की मिट्टी के कटाव को रोकते हुए उसे मूल रूप में पुनर्निर्मित किया जाएगा। तालाबों की बोल्ड दो तथा घाट मरम्मत के कार्य किए जाएगे। चेक डेम और स्टॉप डेम की मरम्मत के कार्य किए जाएंगे। जल संरचनाओं के पास गीला और सूखा कचरा फेंकना प्रतिबंधित है। इस महाअभियान में प्रगतिरत काम जैसे कपिलधारा कूप,खेत तालाब,सामुदायिक तालाब आदि को पूर्ण करने के प्रयास किए जाएं।
गंदे नाले के पानी का शोधन
विश्व पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत जल संरचनाओं में मिलने वाले गंदे पानी के नाले-नालियों में लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के माध्यम से डायवर्सन के उपरांत शोधित कर जल संरचनाओं को छोड़ा जाएगा। मनरेगा के अंतर्गत निर्मित तालाब जो 5 वर्ष या उससे अधिक पुराने है के जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण कराया जाएगा।

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