• नीले बैलून से बूंदें बनाकर पानी पंचायत में सिठमरा विद्यालय के बच्चों ने व्यक्त की गिरते जल स्तर पर चिंता ।
कानपुर देहात। सिठमरा में मीना मंच के बच्चे बोले जल है तो कल है। भविष्य के लिए जल बचाएं ।नीले बैलून से बूंद बनाकर पानी पंचायत में उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा के बच्चों ने गिरते जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों को पानी बचाने का दिया संदेश। विद्यालय के प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने से गंगोत्री हिमनद पच्चीस से तीस मीटर प्रति वर्ष सिकुड़ रहा है ,हिमनद समाप्त होने से नदियों से जल तेजी से समुद्र में पहुंच जाएगा, फिर नदियां सूख जाएंगी जिससे समुद्र तटीय देश डूबेंगे, डूबते हुए देशों के लोग दूसरे देशों में घुसेंगे जिससे युद्ध का खतरा बढ़ेगा आज हम जमीन के तीसरे स्टेटा से जल दोहन कर रहे हैं जो एक हजार साल में रिचार्ज होता है। उक्त बातें प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर नेपाल से गांधी पर्यावरण योद्धा सम्मान प्राप्त शिक्षक नवीन कुमार दीक्षित ने कहा कि हर व्यक्ति अगर बीस लीटर पानी प्रतिदिन प्रयोग करता है तो एक सौ तीस करोड़ की जनसंख्या वाले देश में पानी की सर्व सुलभता के लिए शुद्ध जल बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण एक्ट 1974 की धारा 41 से जल प्रदूषण फैलाना 6 साल जेल और दस हजार रुपए जुर्माना से दण्डनीय अपराध है। पानी बचत की शुरुआत घर से करनी पड़ेगी जैसे शेविंग /ब्रश करते वक्त नल को खुला ना छोड़ें । आ रो प्यूरीफायर से निकलने वाला वेस्ट पानी का संग्रह करें ,उसे बर्तन या कपड़ा धोने में इस्तेमाल करें।अनुदेशक प्रियंका यादव ने कहा कि ए सी से निकलने वाले पानी को स्टोर करें और उसे गार्डनिंग में इस्तेमाल करें। घर की छत में बनी पानी की टंकी को ओवरफ्लोर ना होने दें। इस तरह छोटे-छोटे उपाय अपना कर हम पानी को बचा सकते हैं।
बच्चों में खुशहाली,प्रान्शी, शिवानी, वैष्णवी, शिखा, दीक्षा, संध्या, रिचा,आकांक्षा व अन्य छात्र एव छात्राएं उपस्थित रहे।
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