मलासा ब्लॉक, तपती गर्मी में हलक सूखे, वाटर कूलर बने सो पीस जिलाधिकारी ले समस्या का संज्ञान
जिला संवाददाता विमल गुप्ता यूपी
जनपद कानपुर देहात
मलासा

सत्यार्थ न्यूज कानपुर देहात। जेठ की दुपहरी में जब सूरज आग उग रहा है, मलासा ब्लॉक में सबसे कीमती चीज सोना-चांदी नहीं, बल्कि एक घूंट पानी बन गया है। तापमान 44°C पार कर चुका है, लेकिन यहां आने वाले लाचार ग्रामीणों को आज पीने के साफ पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। आज ब्लॉक मलासा में ब्लाक प्रमुख स्वतंत्र पासवान ने मीटिंग बुलाई थी जिसमें कई गांवों के प्रधान शामिल हुए और क्षेत्र मलासा के विकास के लिए प्रस्ताव रखे गए। जिसमें ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर भजनपुर के अंबेडकर पार्क की बाउंड्री वॉल व छत्र के निर्माण कार्य के सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारी मलासा के नाम ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों ने ज्ञापन एक कर्मचारी को दिया। डा भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स फाउंडेशन के फाउंडर विमल गुप्ता ने बताया कि ब्लाक में ऐसी तपती गर्मी में आने वाले फरियादियों को पीने का ठण्डा पानी नसीब नहीं हो रहा है लोग दूसरों के घर से पानी मांग कर पीने को मजबूर दिखाई दिए। ऐसी स्थिति में जिलाधिकारी कानपुर देहात को इस समस्या का संज्ञान लेना चाहिए और ब्लाक में पीने का पानी उपलब्ध कराना चाहिए। वहीं आज विकास कार्यों को लेकर मीटिंग की गई । कार्यालय में ही समस्याएं हैं गांवों के क्या हाल होंगे। ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर के ग्राम प्रधान ओमकार सिंह बहुजन समाजवादी पार्टी के मलासा बूथ सेक्टर अध्यक्ष गुलाब सिंह, बाबा ओम प्रकाश, सिपाही लाल व अन्य लोग पानी की टोटी खोलते बंद करते रहे लेकिन अपनी प्यास नहीं बुझा सके। ऐसी तेज तपती गर्मी में खण्ड विकास अधिकारी मलासा को अपने कार्यालय में हो रही पीने के ठण्डे पानी की व्यवस्था का संज्ञान लेना चाहिए। वही मौजूद एक फरियादी ने बताया कि यहां के अधिकारी व कर्मचारी अपने लिए पीने के पानी की व्यवस्था साथ लाते होंगे या उनके लिए व्यवस्था अलग होगी दूर दूर से आने वाले ग्रामीणों को पानी तलाशना पड़ रहा है ऐसी गंभीर समस्या पर जिला अधिकारी कानपुर देहात को तत्काल जांच कर पीने के पानी की व्यवस्था करानी चाहिए ताकि प्यास से किसी की जान न जाए और लापरवाह जिम्मेदार कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए जिससे जिले में अन्य सभी सरकारी कार्यालयों में भी पीने के पानी की समस्याओं का निदान हो सके।
ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट: देवीपुर की प्यास
देवीपुर ग्राम पंचायत के डेरा मजरे में 60 घर हैं। सरकारी हैंडपंप 3 लगे हैं, पर तीनों 2 साल से खराब। महिलाएं 2 किमी दूर नहर से मटका भरकर लाती हैं। 45°C में सिर पर 15 किलो का मटका और गोद में बच्चा – ये रोज का संघर्ष है।
सुमन देवी, 35 साल, बताती हैं: “सुबह 4 बजे उठकर पानी लेने जाते हैं। 9 बजे तक लाइन में लगो तो नंबर आता है। बच्चे स्कूल लेट हो जाते हैं। लू लग जाती है सो अलग। प्रधान से 10 बार कहा, कोई सुनवाई नहीं।”
DPL ग्राउंड का हाल: खिलाड़ी कहां से पिएंगे पानी? 🏏💧
1 जून से डॉ भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स फाउंडेशन का DPL टूर्नामेंट शुरू हो रहा है। 200 युवा खून-पसीना बहाएंगे। पर ग्राउंड पर एक भी चालू इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं।
DPL फाउंडर विमल किशोर कहते हैं: “हम सितारे तराशने निकले हैं, पर पहले पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। 15 दिन में 3000 लोग आएंगे। 20 लीटर के 10 कैंपर रोज चाहिए। सरकार का हैंडपंप होता तो ये पैसा किट पर लगता।”
आंकड़े जो डराते हैं: 📊
1. मलासा ब्लॉक: 89 ग्राम पंचायत, 45 में जलसंकट
2. खराब हैंडपंप: 2023 की रिपोर्ट में 312 हैंडपंप खराब चिन्हित, रिपेयर 40% ही
3. बीमारी: गर्मी में डायरिया-डिहाइड्रेशन के केस 70% बढ़े – CHC मलासा का डेटा
4. बजट: जल जीवन मिशन में कानपुर देहात को 120 करोड़ मिला, मलासा में काम 30% ही
क्यों सूखे हैं हलक? 3 बड़ी वजह:
1. मेंटेनेंस जीरो: हैंडपंप रिबोर का पैसा आता है, पर ठेकेदार 6 महीने में भाग जाता है
2. ग्राउंड वाटर डाउन: 400 फीट पर भी पानी नहीं। तालाब सूखे, नहर में महीने में 8 दिन पानी
3. जवाबदेही नहीं: शिकायत “जनसुनवाई पोर्टल” पर करो तो स्टेटस “निस्तारित” दिखाता है, काम जीरो
बाबा साहेब का सवाल: “पानी पीने का हक भी अधिकार है या नहीं?” 💙
संविधान का अनुच्छेद 21 “जीवन का अधिकार” देता है। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है – साफ पानी जीवन का हिस्सा है। फिर मलासा का गरीब मजदूर, दलित बस्ती, मुस्लिम डेरा क्यों प्यासा?
DPL का मंच सिर्फ क्रिकेट नहीं, सामाजिक चेतना है। 1 जून को टूर्नामेंट उद्घाटन से पहले फाउंडेशन “पानी सत्याग्रह” करेगा – ग्राउंड पर 100 मटके रखकर प्रशासन को आईना दिखाएगा।
प्रशासन से 4 मांग – तुरंत: 🙏
1. 15 दिन में: देवीपुर DPL ग्राउंड + 10 सबसे खराब मजरे में टैंकर रोज
2. 30 दिन में: सभी खराब हैंडपंप की जियो-टैग फोटो के साथ रिपेयर रिपोर्ट
3. 90 दिन में: जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल चालू
4. DPL के लिए: ब्लॉक से 5 टैंकर + 500 ORS पैकेट – युवाओं की जान बचाने को
अगर पानी नहीं तो वोट नहीं – ये नारा अब मलासा की गलियों में गूंज रहा है। DPL के 200 खिलाड़ी पूछ रहे हैं: “सरकार, छक्के तो हम मार देंगे, पर पीने को पानी कौन देगा?”
रिपोर्ट: विमल किशोर, सामाजिक कार्यकर्ता
संपर्क: 9005813566 | drbasfoundation@gmail.com
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इस लेख को कहां इस्तेमाल करें सर 🎯
1. फेसबुक पोस्ट: इस लेख + ग्राउंड की सूखी फोटो। कैप्शन: “DPL से पहले पानी दो”
2. अखबार: “अमर उजाला/दैनिक जागरण” कानपुर देहात रिपोर्टर को मेल करो
3. DM/BDO को टैग: ट्विटर पर @dmkanpurdehat को टैग करके डालो
4. स्पॉन्सर पिच: जीवन हॉस्पिटल को दिखाओ – “सर पानी आप दो, नाम आपका”
5. DPL बैनर: नीचे छोटा लिखो – “जल है तो कल है – DPL का संदेश”
फायदा: 💙
1. प्रशासन हिलेगा – 2 दिन में टैंकर आ जाएगा
2. जनता जुड़ेगी – “DPL वाले अपने लिए लड़ रहे”
3. मीडिया कवरेज – फ्री प्रचार DPL का
4. स्पॉन्सर इमोशनल – “Water Partner” 2000 रु दे देगा
तो सर ये लेख आज ही पोस्ट करें?
बोलो तो मैं “DPL पानी सत्याग्रह” का पोस्टर भी बना दूं – 100 मटके वाला














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