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ग्राम राजना में ड्रायटेक प्रोसेसिंग कंपनी पर गंभीर आरोप, किसानों ने कलेक्टर से की सख्त कार्रवाई की मांग

ग्राम राजना में ड्रायटेक प्रोसेसिंग कंपनी पर गंभीर आरोप, किसानों ने कलेक्टर से की सख्त कार्रवाई की मांग

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – भारतीय किसान संघ जिला इकाई पांढुरना ने ग्राम राजना में संचालित ड्रायटेक प्रोसेसिंग कंपनी प्रा.लि. पर पर्यावरण प्रदूषण, अवैध मार्ग उपयोग और गौवंश को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। किसान संघ का कहना है कि कंपनी की गतिविधियों से क्षेत्र के किसानों की खेती, जल स्रोत और पशुधन बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम राजना निवासी किसान बाबूराव पिता तिमाजी कोटजावडे सहित आसपास के कृषकों की निजी कृषि भूमि का कंपनी द्वारा जबरन उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि खसरा नंबर 26, रकबा 1.619 हेक्टेयर की निजी भूमि से बिना अनुमति गंदे और बदबूदार अपशिष्ट जल का परिवहन ट्रकों के माध्यम से किया जा रहा है। किसानों द्वारा विरोध के बावजूद रात के अंधेरे में ट्रकों की आवाजाही जारी रहती है।

भूजल और पर्यावरण पर संकट

किसान संघ ने कहा कि ड्रायटेक कंपनी द्वारा प्रतिदिन अत्यधिक मात्रा में भूजल का दोहन किया जा रहा है। इसके बाद निकलने वाला केमिकल युक्त जहरीला पानी आसपास के खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे भूजल दूषित हो रहा है और उपजाऊ कृषि भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में क्षेत्र में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है।

गौवंश पर पड़ रहा घातक असर

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि खेतों में फैले रासायनिक अपशिष्ट पानी को पीने से दुधारू पशुओं और गौवंश की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। कई मामलों में पशुओं में बांझपन (Infertility) और गर्भपात (Miscarriage) जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं, जो पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है।

गौवंश संरक्षण को लेकर सुझाव

भारतीय किसान संघ ने जिले में गौवंश संरक्षण को लेकर भी मांग रखी है। संघ का कहना है कि गौवंश की तस्करी रोकने के लिए प्रत्येक पंचायत में पशुओं की खरीदी-बिक्री की सूचना अनिवार्य की जाए तथा समय-समय पर गौशालाओं और किसानों के पास उपलब्ध पशुधन का भौतिक सर्वे कराया जाए।

किसान संघ की प्रमुख मांगें

किसान संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि हल्का पटवारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से स्थल निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन तैयार कराया जाए। साथ ही कंपनी को निजी भूमि से परिवहन तत्काल बंद करने और गंदे अपशिष्ट जल को खुले में बहाने पर रोक लगाने के सख्त आदेश दिए जाएं। पर्यावरण और पशुधन को हुए नुकसान का आंकलन कर कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
भारतीय किसान संघ ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा, ताकि किसानों, पर्यावरण और गौवंश को हो रहे नुकसान से बचाया जा सके।

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