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वाराणसी – पूरा बनारस हुवा मोदीमय चारो तरफ लोगो ने किया जमकर स्वागत  प्रधानमंत्री का बड़ा बयान – भारत और मॉरीशस सिर्फ पार्टनर नहीं, परिवार; शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में हुए बड़े समझौते “

अंकुर कुमार पाण्डेय

रिपोर्ट सत्यार्थ न्यूज़

वाराणसी

वाराणसी – पूरा बनारस हुवा मोदीमय चारो तरफ लोगो ने किया जमकर स्वागत  प्रधानमंत्री का बड़ा बयान – भारत और मॉरीशस सिर्फ पार्टनर नहीं, परिवार; शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में हुए बड़े समझौते “

वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की मुलाकात ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई दी।पीएम मोदी ने कहा – “भारत और मॉरीशस पार्टनर नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। यह सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मिलन है।”

द्विपक्षीय वार्ता और समझौते
दोनों नेताओं ने वाराणसी में होटल ताज में बैठक की। इसमें शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, स्वास्थ्य और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत के IIT मद्रास और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस के साथ समझौते किए। पीएम मोदी ने कहा कि फ्री, ओपन, सेक्योर और समृद्ध हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है।

मॉरीशस PM की प्रतिक्रिया
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने वाराणसी में मिले स्वागत पर खुशी जताते हुए कहा कि “किसी भी अन्य प्रधानमंत्री को ऐसा स्वागत शायद ही कभी मिला होगा। मुझे खुशी है कि यह आपका निर्वाचन क्षेत्र है, अब मैं समझ सकता हूं कि आप इतने बड़े अंतर से क्यों जीतते हैं।”रोड शो और स्वागतइससे पहले पीएम मोदी पुलिस लाइन से 3 किमी लंबे रोड शो के जरिए होटल ताज पहुंचे। रास्ते भर हजारों लोग खड़े रहे, फूल बरसाए और शंखनाद किया।

गंगा आरती और आगे का कार्यक्रम
मॉरीशस PM आज शाम नमो घाट से क्रूज़ द्वारा दशाश्वमेध घाट पहुंचकर गंगा आरती देखेंगे। योगी सरकार ने उनके सम्मान में होटल ताज में डिनर आयोजित किया है।
कल मॉरीशस PM बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे और अयोध्या जाकर रामलला का आशीर्वाद लेंगे।

भारत–मॉरीशस रिश्ते की मजबूती
पीएम मोदी ने कहा कि मॉरीशस, भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘विजन सागर’ का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।उन्होंने मॉरीशस के लिए स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज की घोषणा की, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। भारत के बाहर पहला जन औषधि केंद्र अब मॉरीशस में स्थापित हो चुका है।साझा विरासत पर जोर पीएम मोदी ने कहा कि काशी भारतीय सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक है, जिसकी धारा सदियों पहले मॉरीशस तक पहुंची। आज यह साझेदारी एक नए युग में प्रवेश कर रही है।

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