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सनातन संघर्ष मंच की संजीवनी पैदल यात्रा: एक ऐतिहासिक पहल

पत्रकार जितेंद्र कुमार यादव

 जयपुर

सनातन संघर्ष मंच की संजीवनी पैदल यात्रा: एक ऐतिहासिक पहल

हरियाणा के पवित्र कुरुक्षेत्र से दिल्ली तक की इस संजीवनी पैदल यात्रा का शुभारंभ आज से हुआ है। यह यात्रा केवल कदमों की गिनती नहीं, बल्कि सनातन धर्म की चेतना का जागरण है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राम भक्त पीयूष जी के नेतृत्व में यह यात्रा एक संकल्प है, जो समाज में जागृति और एकता का संदेश देती है।

यात्रा के उद्देश्य और महत्व

1. धर्म की पुनर्स्थापना: यह यात्रा हमारे वैदिक मूल्यों और सनातन धर्म के गौरव को पुनर्जीवित करने का माध्यम है।

2. समाज को जोड़ने का प्रयास: विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को एक सूत्र में पिरोकर सामाजिक एकता का संदेश देना।

3. युवा शक्ति का आह्वान: युवाओं को जागरूक कर उन्हें धर्म और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करना।

4. सनातन संस्कृति की रक्षा: हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित और सशक्त बनाना।

जोशीले विचार

“यह यात्रा केवल मार्ग नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति हमारी अटूट आस्था का प्रतीक है।”

“हर कदम एक संदेश है, हर मील एक प्रेरणा है, और हर सांस धर्म की रक्षा का संकल्प है।”

“सनातन की संजीवनी जब उठेगी, तो अधर्म और अज्ञान का अंधकार छंट जाएगा।”

“यह यात्रा कुरुक्षेत्र की उस पवित्र भूमि से शुरू हुई है, जहां धर्म और अधर्म के बीच निर्णायक युद्ध हुआ था। आज हम उसी चेतना को पुनर्जीवित करने निकले हैं।”

अपील

सभी धर्म प्रेमियों से निवेदन है कि इस ऐतिहासिक यात्रा में तन, मन और धन से सहयोग करें। यह यात्रा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की है। आइए, इस पवित्र यज्ञ में अपनी आहुति दें और धर्म की ज्योति को अनंत काल तक प्रज्वलित रखें।

*”धर्मो रक्षति रक्षितः”

जब हम धर्म की रक्षा करेंगे, तभी धर्म हमारी रक्षा करेगा।

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