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शिकायत के बाद भी नहीं हटी बाउंड्री के अंदर बनी अवैध कब्जा,डीएम से कार्रवाई की मांग

शिकायत के बाद भी नहीं हटी बाउंड्री के अंदर बनी अवैध कब्जा,डीएम से कार्रवाई की मांग

 

 

ग्राम प्रधान की शिकायतों पर प्रशासन मौन, अतिक्रमणकारी ने बना लिया घर सरकारी भूमि पर कब्जा कर टीनशेड लगाकर रहने लगा अतिक्रमणकारी

 

सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

 

सोनभद्र। पन्नूगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पडरी कलां में आराजी संख्या 611क की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस भूमि पर आर.आर.सी. सेंटर, सरकारी राशन की दुकान, जन सुविधा केंद्र और होलिका दहन स्थल स्थित हैं। ग्राम प्रधान द्वारा सरकारी बजट से इस भूमि के चारों ओर बाउंड्री का निर्माण भी कराया गया है। ग्राम प्रधान विजय कुमार ने बताया कि बाउंड्री के भीतर सुरेश पुत्र बचऊ द्वारा पूर्व में भी अतिक्रमण किया गया था, जिसे प्रशासन के हस्तक्षेप से हटवाया गया था। परंतु अब उसने पुनः कब्जा कर लिया है। वर्तमान में उसने बाउंड्री के अंदर दर्जनों भैंसें बांध रखी हैं तथा बांस और टीनशेड लगाकर आवास बना लिया है। बरसात के कारण भैंसों की गंदगी और दुर्गंध से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। इससे आर.आर.सी. सेंटर, राशन दुकान और जन सुविधा केंद्र आने वाले ग्रामीणों को भारी असुविधा हो रही है।

इस संबंध में 01 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 92620000008613 दर्ज कराई गई। इसके अतिरिक्त तहसील दिवस और जिलाधिकारी कार्यालय में ग्राम प्रधान द्वारा लिखित शिकायतें भी प्रस्तुत की गईं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारी का मनोबल बढ़ गया है और उसने टीनशेड लगाकर स्थायी आवास भी बना लिया है। ग्राम प्रधान विजय कुमार व ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी कब्जाधारी के विरुद्ध तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर बलपूर्वक बेदखली की जाए। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के अंतर्गत जुर्माना लगाया जाए तथा सरकारी संपत्ति को हुई हानि की वसूली की जाए। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय कर विभागीय कार्रवाई की जाए।शीघ्र अतिक्रमण हटाकर सरकारी संपत्ति को मुक्त कराया जाए।ग्राम प्रधान ने कहा कि सरकारी भूमि पर इस प्रकार का अतिक्रमण न केवल सार्वजनिक सुविधाओं को बाधित कर रहा है, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

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