मीडिया प्रभारी मुकेश मीना सत्यार्थ न्यूज़
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से जिला प्रशासन का अभिनव प्रयास ला रहा सकारात्मक बदलाव
जिले में बदली हजारों ग्रामीणों की जिंदगी जिला कलक्टर काना राम की सतत मॉनिटरिंग से वर्षों पुराने विवादों का हो रहा समाधान
सवाई माधोपुर,8 जून। सुशासन, जनसुनवाई और आमजन को त्वरित राहत देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारते हुए जिला कलक्टर काना राम की पहल पर जिले में संचालित “रास्ता खोलो अभियान” ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से वर्षों से बंद पड़े रास्ते खुल रहे हैं, जिससे हजारों किसानों, ग्रामीणों, पशुपालकों और विद्यार्थियों का जीवन आसान हुआ है।
जिला कलक्टर के नेतृत्व में संचालित यह अभियान केवल रास्ते खोलने की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि ग्रामीणों को उनके अधिकार दिलाने, सामाजिक सौहार्द बढ़ाने और विकास के नए रास्ते प्रशस्त करने का जनकल्याणकारी प्रयास बन गया है।
वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान:- जिले में लंबे समय से अनेक गांवों, ढाणियों और खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते अतिक्रमण, विवाद अथवा अन्य कारणों से अवरुद्ध थे। इससे किसानों को कृषि कार्यों, विद्यार्थियों को शिक्षा तथा आमजन को स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
जिला प्रशासन ने संवाद, सहमति और समझाइश को आधार बनाकर इन समस्याओं का समाधान किया। परिणामस्वरूप 1 मई से 3 जून 2026 तक प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1,914 चिन्हित प्रकरणों में से कुल 732 रास्ते खुलवाए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है।
जिला कलक्टर की नियमित मॉनिटरिंग से मिली गति:- अभियान की सफलता के पीछे जिला कलक्टर काना राम की नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग महत्वपूर्ण रही है। जिला स्तर से लेकर उपखंड एवं तहसील स्तर तक अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं तथा प्रत्येक प्रकरण की सतत निगरानी की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अभियान को निरंतर गति मिल रही है।
इन क्षेत्रों में मिला उल्लेखनीय परिणाम:- अभियान के अंतर्गत बौंली तहसील में सर्वाधिक 114 रास्ते खुलवाए गए। इसके अतिरिक्त खण्डार में 91, बामनवास में 87, मलारना डूंगर में 74, चौथ का बरवाड़ा में 72, मित्रपुरा में 71, गंगापुर सिटी में 57, वजीरपुर में 50, सवाई माधोपुर तहसील में 49 तथा तलावड़ा 29 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण पर भी फोकस:- जिला प्रशासन ने केवल मौके पर रास्ते खुलवाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा, बल्कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण को भी प्राथमिकता दी है। राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 251-ए के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जा रही है। अभियान अवधि में 25 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है तथा शेष मामलों में सुनवाई प्रक्रिया को गति दी गई है।
किसानों और ग्रामीणों के लिए वरदान:- रास्ते खुलने से किसानों को खेतों तक कृषि यंत्र, ट्रैक्टर, खाद, बीज एवं उपज पहुंचाने में सुविधा मिली है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है। विद्यार्थियों का स्कूल और कॉलेज तक पहुंचना आसान हुआ है तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी बेहतर हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की बाधाएं दूर होने से आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिली है। पशुपालकों को भी पशुधन के आवागमन और चारे की व्यवस्था में सुविधा प्राप्त हुई है।
सामाजिक सौहार्द और जनविश्वास को मिली मजबूती:- अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि अधिकांश मामलों में विवादों का समाधान आपसी सहमति और संवाद से हुआ है। इससे वर्षों पुराने विवाद समाप्त हुए हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और आपसी विश्वास मजबूत हुआ है। प्रशासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वास:- रास्ता खोलो अभियान ने यह साबित किया है कि संवेदनशील प्रशासन, प्रभावी नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान संभव है। यह अभियान केवल अवरुद्ध रास्तों को ही नहीं खोल रहा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास, सहभागिता और सुशासन का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है।
जिला कलक्टर काना राम के नेतृत्व में संचालित यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरी है। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में यह अभियान सवाई माधोपुर जिले में सुशासन और जनसेवा का एक सफल मॉडल बनता जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी ग्रामीण, किसान, पशुपालक अथवा विद्यार्थी केवल रास्ता अवरुद्ध होने के कारण अपने अधिकारों और सुविधाओं से वंचित न रहे।















Leave a Reply