राजस्थान उपचुनाव:
बाड़मेर मो.अयुब हाथीतला की रिपोर्ट
. झुनझुनू:- बीजेपी-कांग्रेस में सीधा मुकाबला.

(बीजेपी ने अच्छा उम्मीदवार उतारा और एक होकर चुनाव लड़ा तो, जीत सकती है। कांग्रेस ओला परिवार से बाहर नहीं निकली तो बीजेपी की राहें आसान हो जाती हैं )
2. खींवसर:- आरएलपी-बीजेपी में सीधा मुकाबला.
(कांग्रेस केवल आरएलपी के सहारे बीजेपी से लड़ेगी, फिर भी बीजेपी मजबूत दिखती है, बेनीवाल परिवार यहाँ लगातार 7 चुनाव जीत चुका है)
3. रामगढ़:- बीजेपी-कांग्रेस मुकाबला.
(बीजेपी एक रही तो जीत तय है, कांग्रेस को मुस्लिम वोटर्स का सहारा)
4. दौसा:- बीजेपी-कांग्रेस में कड़ी टक्कर.
(यदि किरोड़ी लाल मीणा के भाई को टिकट मिला तो, अन्यथा कांग्रेस की जीत पक्की, यहाँ युवाओं में पायलट का जादू सिर चढ़कर बोलता है)
5. देवली-उनियारा:- बीजेपी पर कांग्रेस भारी.
(लेकिन लगता है यहाँ बीजेपी उम्मीदवार चयन में ही चुनाव हार जाएगी, पायलट का प्रभाव बीजेपी के लिए चुनौती है)
6. चौरासी:- बीजेपी-कांग्रेस, दोनों पर बाप भारी.
(इंडिया अलाइंस में राजकुमार रोत को साथ रखने के लिए कांग्रेस यहाँ बाप के आगे लोकसभा चुनाव की भांति सरेंडर कर देगी)
7. सलूंबर:- बीजेपी को सिंपेथी का भरोसा,
(कांग्रेस को बाप का आसरा, लेकिन बाप यहाँ अपना उम्मीदवार उतारने पर अड़ी है, उसके पास खोने को कुछ नहीं, पाने के लिए पूरा सलूंबर है)
-कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व सीकर तक सीमित है, पूरे राज्य में स्वीकार्यता नहीं बनी है, ऊपर से पायलट गुट के विधायक भी अध्यक्ष को अध्यक्ष नहीं मानते।
-बाप का डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ से उदयपुर होते हुए दक्षिणी राजस्थान में प्रभाव बढ़ रहा है।
मो. अयुब हाथीतला की रिपोर्ट

















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