पराली जलाने वाले किसानों पर दर्ज होगी एफआईआर : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ
पलवल-19अक्तूबर
कृष्ण कुमार छाबड़ा

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला प्रशासन पलवल जिला में फसल अवशेष व पराली जलाने के प्रति सख्त है। उन्होंने कहा कि हरसेक पर आगजनी की लोकेशन मिलने पर जिला प्रशासन की ओर से संबंधित से खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। वहीं अब प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में फसल के अवशेष जलाने से रोकने के लिए सख्त निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुसार, चालू सीजन के दौरान धान की फसल के अवशेषों को जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और संबंधित अधिनियम में अभियोजन चलाया जाएगा। इसके अलावा धान की फसल के अवशेष जलाने वाले किसानों के मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की जाएगी। उप कृषि निदेशक लॉगिन में इसके लिए प्रावधान पहले ही दिया जा चुका है। इससे किसानों को अगले दो सत्रों के दौरान ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से मंडियों में अपनी फसल बेचने पर प्रतिबंध रहेगा।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठï ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से किसानों को फसल अवशेष व पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे फसल अवशेष व पराली को जलाने की बजाए इनका उचित प्रबंधन कर सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत मुनाफा कमाएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से किसानों को पराली जलाने के दुष्प्रभावों और सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी वाली मशीनों के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि किसान फसल अवशेष व पराली जलाने की बजाए इनका उचित प्रबंधन कर कमाई कर सकें।
गठित टीमें रख रही निगरानी
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठï ने बताया कि पलवल जिला में संबंधित एसडीएम की देखरेख में रैड जोन व यैलो जोन सहित जिन गांवों में धान की फसल बोई गई है, उन गांवों में गांव अनुसार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों, गांव के पटवारी, ग्राम सचिव, नोडल अधिकारियों, राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की इंफोर्समेंट, सुपरविजन व मॉनिटरिंग के लिए ड्यूटी निर्धारित की गई है, जो लगातार निगरानी रखने के साथ-साथ किसानों को पराली न जलाने को लेकर जागरूक भी कर रहे है


















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