Advertisement

नैनीताल : हरीश पनेरू के नेतृत्व में उत्तराखंड वन विकास निगम में कर्मकारों को वेतन ना मिलने पर महाप्रबंधक कार्यालय में किया प्रदर्शन।

www.satyarath.com

रिपोर्टर-:मुकुल सिंह

हल्द्वानी/नैनीताल

• हरीश पनेरू के नेतृत्व में उत्तराखंड वन विकास निगम में कर्मकारों को वेतन ना मिलने पर महाप्रबंधक कार्यालय में किया प्रदर्शन।

www.satyarath.com

नैनीताल : आज पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरु के नेतृत्व में उत्तराखण्ड वन विकास निगम के महाप्रबंधक कार्यालय में वन विकास निगम में कार्यरत कर्मकार जिन्हें पिछले मार्च माह से लेकर आज तक का वेतन नहीं मिला है उन सभी कर्मकारों के साथ उत्तराखंड वन विकास निगम के महाप्रबंधक कार्यालय में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया तथा उच्च अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र अति शीघ्र सभी महीनों के वेतन का भुगतान करने की मांग की तथा कहा कि उन्हें काम करते हुए सात साल से अधिक का समय हो गया है वन विकास निगम को उन्हें पक्की नौकरी देनी चाहिए वे जंगलों में अपनी जान को खतरे में डाल कर काम करते हैं तभी उसके बावजूद भी उन्हें समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जो मानवता एंव न्याय के विरुद्ध है।

www.satyarath.com

पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरु ने महाप्रबंधक वन विकास निगम से वार्ता कर कार्यरत कर्मकारों का वेतन देने एंव उनकी मांगे शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया और बरसों से घने जंगलों में कार्यरत कर्मकारों को शीघ्र ही नियमित किया जाय, अन्यथा यदि मांगें पूरी नहीं की गई तो पूरे प्रदेश में उत्तराखण्ड वन विकास निगम के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जायेगा, विभागीय अधिकारियों से दूरभाष पर हुई वार्ता पर इसी माह कर्मकारों को अवशेष बेतन का भुगतान करने का आश्वासन विभाग द्वारा दिया गया।हरीश पनेरू ने कहा कि कितना दुःखद है कि सरकार और विभाग के अधिकारी इतने निरंकुश कैसे हो सकते हैं विभाग के अधिकारियों को सभी कर्मकारों के परिवारों के बारे में भी सोचना चाहिए कि उनका घर परिवार कैसे चल रहा होगा।

विदित हो कि उत्तराखंड वन विकास निगम में लॉगिंग कार्यों के लिए कर्मकारों को कर्मचारियों के साथ ही दिन रात घने जंगलों में रहकर काम करना होता है, जिसमें प्रकाष्ट की देखभाल, सुरक्षा और प्रकाष्ठ की नपाई करने का काम होता है, सभी कर्मकारों को मार्च महीने के बाद वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!