शक्तिफार्म से स्वरोजगार की उड़ान: विशाल मंडल की सफलता बनी युवाओं के लिए प्रेरणा
शक्तिफार्म (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र शक्तिफार्म के गोविंद नगर से निकली एक साधारण-सी शुरुआत आज असाधारण मिसाल बन चुकी है। यह कहानी है युवा उद्यमी विशाल मंडल की, जिन्होंने सीमित संसाधनों, कठिन हालात और अनिश्चित भविष्य के बीच आत्मनिर्भरता की ऐसी राह चुनी, जो आज हजारों युवाओं को प्रेरित कर रही है। वर्ष 2020… जब कोरोना महामारी ने पूरे देश की रफ्तार थाम दी थी। रोजगार छिन रहे थे, कारोबार बंद हो रहे थे और भविष्य धुंधला नजर आ रहा था। उसी दौर में विशाल मंडल ने हालात से हार मानने के बजाय अवसर तलाशने का साहस दिखाया। महाविद्यालय की पढ़ाई पूरी न हो पाने के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बनाया और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। बिना किसी पारिवारिक व्यवसायिक पृष्ठभूमि और पूर्व अनुभव के, विशाल ने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र से अपनी शुरुआत की। कठिन परिश्रम, तकनीकी समझ और सीखने की ललक ने जल्द ही उन्हें पहचान दिलाई। इसी दौरान उनके मन में “मेक इन इंडिया” की सोच ने आकार लिया और उन्होंने घरेलू उपयोग के स्वच्छता उत्पादों के निर्माण का निर्णय लिया। आज उनकी इकाई में फर्श क्लीनर, टॉयलेट क्लीनर, डिटर्जेंट, व्हाइट फिनाइल सहित कई घरेलू उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। यह व्यवसाय न केवल तेजी से विस्तार कर रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव भी रख रहा है। विशाल मंडल आज केवल एक सफल उद्यमी ही नहीं, बल्कि युवाओं के मार्गदर्शक भी बन चुके हैं। वे प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और व्यवसायिक सहयोग के माध्यम से युवाओं को खुद का काम शुरू करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि बड़े सपने देखने के लिए बड़े शहर जरूरी नहीं होते। अगर सोच मजबूत हो और इरादे साफ हों, तो गांव से भी क्रांति की शुरुआत हो सकती है। शक्तिफार्म का यह युवा आज न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन कर रहा है। यह कहानी सिर्फ विशाल मंडल की नहीं ।यह हर उस युवा की कहानी है, जो परिस्थितियों से लड़कर कुछ कर दिखाने का जज़्बा रखता
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