अंकिता भंडारी को न्याय मिले
रिपोर्ट धीरज खंडूड़ी
उत्तराखंड आंदोलन के बाद ये पहला मौका है जब कर्णप्रयाग बाजार स्वतःस्फूर्त रूप से अभूतपूर्व रूप से बन्द है। संपूर्ण बन्द यहाँ के निवासियों की संवेदनशीलता का द्योतक है, साथ ही बिटिया स्वर्गीय अंकिता भंडारी के लिए न्याय के प्रति समर्पण को दर्शाने के लिए पर्याप्त है। इस प्रकरण को ले के सरकार लॉ एंड ऑडर मे फेल साबित दिखाई प्रतीत dekh रही he



















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