Advertisement

बीकानेर-पर्युषण के तीसरे दिन मनाया सामायिक दिवस आत्मा को उज्जवल करने का मार्ग है सामायिक :-शासनश्री साध्वी कुंथुश्री

सवांददाता चीफ रिपोर्टर रमाकान्त झंवर बीकानेर श्रीडूंगरगढ

पर्युषण के तीसरे दिन मनाया सामायिक दिवस आत्मा को उज्जवल करने का मार्ग है सामायिक :-शासनश्री साध्वी कुंथुश्री

श्रीडूंगरगढ़। पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन सामायिक दिवस का आयोजन सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी कुंथुश्री के सान्निध्य किया गया। साध्वी कुंथुश्री ने श्रावक श्रविका समाज को प्रवचन देते हुए बताया कि सामायिक का अर्थ है समता की साधना, आत्मा में रहना और अपनी आत्मा में स्थित होने का अभ्यास करना। साध्वी ने कहा कि व्यक्ति सुख- दुख, लाभ- हानि, जन्म- मरण, निंदा- प्रशंसा, अनुकूल- प्रतिकूल हर एक परिस्थिति में समभाव में रहे। यह समता भाव ही सामायिक है। साधना के क्षेत्र में समता भाव से एकाग्रता का विकास होता है। साध्वीश्री ने अत्यंत रोचक रूप से भगवान महावीर के जीवन वृतांत के अंतर्गत मरीचि के भव को बताते हुए अहंकार के स्वरूप को व्याख्यायित किया। कार्यक्रम में साध्वी सुमंगलाश्री ने उत्तराध्ययन सूत्र का वाचन किया और अभिनव सामायिक का सुंदर प्रयोग त्रिपदी वंदना, जप, स्वाध्याय आदि से करवाया। साध्वी ऋजुप्रज्ञ, साध्वी सम्यक्तव प्रभा, साध्वी जीतयशा, साध्वी संपतप्रभा ने स्वाध्याय दिवस पर भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी। तेरापन्थ युवक परिषद की ओर से अभिनव सामायिक का आयोजन किया गया। तेयुप अध्यक्ष मनीष नौलखा, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप पुगलिया, सह मंत्री विवेक भंसाली ने विजय गीत द्वारा मंगलाचरण किया और तेयुप अध्यक्ष मनीष नौलखा ने साध्वी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की और परिषद का आभार प्रकट किया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!