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गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले को मिला नया कलेक्टर: प्रमोटी IAS संतोष देवांगन ने संभाला मोर्चा, बिलासपुर SDM का अनुभव आएगा काम,

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले को मिला नया कलेक्टर: प्रमोटी IAS संतोष देवांगन ने संभाला मोर्चा, बिलासपुर SDM का अनुभव आएगा काम,

प्रशासनिक कसावट और विकास को मिलेगी रफ्तार, जनता बोली- जमीनी अधिकारी से उम्मीदें बढ़ीं

सूरज यादव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। 6 मई 2026:
राज्य शासन ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्रशासनिक कमान प्रमोटी IAS अधिकारी संतोष देवांगन को सौंप दी है। बिलासपुर में SDM के तौर पर अपनी छाप छोड़ चुके देवांगन के कलेक्टर बनते ही जिले में विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है।

संतोष देवांगन बिला बीसपुर में SDM रहते हुए राजस्व प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जाने जाते रहे हैं। एक सख्त लेकिन संवेदनशील प्रशासक की छवि रखने वाले देवांगन का जोर हमेशा जमीनी हकीकत समझकर काम करने पर रहा है। उन्होंने कई पेचीदा राजस्व और अतिक्रमण के मामलों को मौके पर निपटाकर आम लोगों का भरोसा जीता था।

प्रमोटी IAS होने के नाते संतोष देवांगन का फील्ड का अनुभव काफी मजबूत है। उन्होंने अपने करियर में अलग-अलग पदों पर रहते हुए शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने में दक्षता साबित की है। बिलासपुर में उनके कार्यकाल को अनुशासन और जनसुनवाई के लिए याद किया जाता है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही राज्य का नवगठित जिला है। यहां पर्यटन, वन संपदा और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण विकास की अपार संभावनाएं हैं। वहीं बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, सड़क-स्वास्थ्य-शिक्षा, वन अधिकार पट्टे और अतिक्रमण जैसी चुनौतियां भी कम नहीं हैं। ऐसे में देवांगन का जमीनी प्रशासनिक अनुभव जिले के लिए अहम साबित हो सकता है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने नए कलेक्टर का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि फील्ड में काम करने वाले अधिकारी के आने से प्रशासन की पहुंच आम आदमी तक बढ़ेगी। लोगों को उम्मीद है कि लंबित राजस्व प्रकरण, वन भूमि के मामले और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा।

नए कलेक्टर के सामने बड़ी चुनौतियां,
1. शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का क्रियान्वयन – पीएम आवास, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत
2. राजस्व प्रकरणों का निराकरण – नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लंबित केस
3. कानून-व्यवस्था – वन क्षेत्र में अवैध कटाई, अतिक्रमण पर रोक
4. पर्यटन विकास – अमरकंटक क्षेत्र से लगे इलाकों में बुनियादी सुविधा
5. जनसमस्याओं की सुनवाई – कलेक्टर जनदर्शन को और प्रभावी बनाना

कलेक्टर संतोष देवांगन के सामने अब सबसे बड़ी परीक्षा शासन की मंशा के अनुरूप काम करते हुए GPM को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की होगी।

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