• नही रुक रहा गरीब दलित आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने का सिलसिला शासन प्रशासन बना मूक दर्शक।
• राजस्व विभाग और पुलिस की निष्क्रियता से दबंगों का हौसला बुलंद।
• आदिवासियों ने जमीन कब्जा मुक्त नही होने पर डीएम ऑफिस के सामने आत्मदाह करने की दी है चेतावनी।
सोनभद्र रायपुर क्षेत्र में दबंग भू माफियाओं द्वारा गरीब दलित आदिवासियों की जमीन हड़पने का खेल जोरों से चल रहा है राजस्व विभाग और पुलिस की निष्क्रियता से हौसला बुलंद दबंग आए दिन गरीबों की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर मकान निर्माण का कार्य किया जा रहा है।एक तरफ जहां सूबे के मुख्यमंत्री राजस्व विभाग और पुलिस को गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले दबंग लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई का आदेश देते है की किसी भी कीमत पर गरीबों की जमीनों पर कोई दबंग कब्जा न करने पाए वही कोई करीब जमीन की पक्की पैमाईश के लिए कचहरी का चक्कर नही काटेंगे एसडीएम और तहसीलदार कचहरी परिसर में ही निवास करेंगे और जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करेंगे लेकिन जिम्मेदार राजस्व विभाग और पुलिस मुख्यमंत्री के आदेश की धज्जियां उड़ाने में व्यस्त है।
नए जिलाधिकारी सोनभद्र ने जब पदभार ग्रहण किया था तो उन्होंने मीडिया को दिए इंटरव्यू में राजस्व के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने की बात कही थी जिससे सोनभद्र के लोगो में आस जगी थी कि अब कोई भू माफिया दबंग किसी गरीब की जमीन पर कब्जा नही कर पाएंग।
जिन लोगों की जमीन पर पहले से ही दबंग कब्जा कर लिए है और पीड़ित कोर्ट कचहरी के चक्कर काट रहे हैं उन्हें भी न्याय की उम्मीद जगी थी पर अभी तक तो सोनभद्र में कोई इसका असर होता दिख नही रहा है।
इसका ताजा उदाहरण सोनभद्र रायपुर थाना क्षेत्र के गोटी बांध है वहां के गरीब दलित आदिवासियों चिग्घु मुसहर और छटंकी आदि की जमीन पर वर्तमान ग्राम प्रधान और उसके पट्टीदारों ने जबरदस्ती कब्जा कर अवैध मकान का निर्माण करवा रहे हैं पीड़ित आदिवासी जो अनपढ़ है कोर्ट कचहरी के चक्कर में बहुत दिनों से परेशान है पीड़ित आदिवासी स्थानीय पुलिस चौकी थाना पर अपनी फरियाद लेकर गए लेकिन प्रधान के पैसे और पावर के आगे इनकी कोई सुनवाई नही हुई फिर थक हार के आदिवासी सदर एसडीएम ,डीएम और मुख्यमंत्री पोर्टल आदि पर प्रार्थना पत्र दिया पर मायूसी ही हाथ लगी कोई कार्रवाई नहीं हुई। गरीब आदिवासी जंगल की सुखी लकड़ी बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं रोज रोज कोर्ट कचहरी एसडीएम डीएम कार्यालय का चक्कर काटने की हैसियत नहीं है इसका फायदा उठाकर दबंग रुक रुक कर मकान निर्माण कार्य करवा रहे है अपने खतौनी की जमीन पर अवैध कब्जा होता देखने को मजबूर है आदिवासी ।आदिवासियों का कहना है कि राजस्व विभाग और पुलिस की निष्क्रियता से हम लोगों की जमीन पर कब्जा हो रहा है लेखपाल कई बार आए जमीन नापी करने का सिर्फ आश्वासन देते है और विपक्षी से मिलकर चले जाते हैं। आदिवासियों चिग्गू, छटंकी और अतवारू ने कहा कि हम लोगो को अगर न्याय नहीं मिला तो डीएम कार्यालय या मुख्यमंत्री ऑफिस के सामने एक निश्चित समय में पूरे परिवार के साथ आत्म दाह करेंगे जब जमीन ही नहीं रहेगी तो क्या करेंगे जी कर।आदिवासियों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से न्याय की गुहार लगाई है और दबंगों द्वारा किए गए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और अपनी जमीन कब्जा मुक्त करवाने सहित निर्माण किए गए मकान पर बुलडोजर की कार्यवाही करने की मांग की है।
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