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कौशाम्बी : डिप्टी सीएम केशव मौर्य की तरह विनोद सोनकर की हुई पराजय।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य की तरह विनोद सोनकर की हुई पराजय।

गांव में फैले भ्रष्टाचार को रोकना होगा।जनता को न्याय दिलाना होगा वरना औंधे मुंह फिर 2027 में गिरना तय।

रिपोर्टर सत्य प्रकाश यादव (सत्या)

लक्ष्मनपुर म्योहर कौशाम्बी

कौशाम्बी 2017 में रमेश पासी भारतीय जनता पार्टी कौशाम्बी के जिला अध्यक्ष थे उनके रहते विधानसभा में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला तीनों सीट जीती।बीजेपी के समर्थक लगातार यह बात उठाते रहते हैं। लेकिन यह कोई नहीं बताता की 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। तब भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रमेश पासी थे। रमेश पासी लगातार संघर्ष करते रहे उनके अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान ही 2014 में भारतीय जनता पार्टी को असीम सफलता मिली।उसके बाद 2017में कौशाम्बी जिला से ऐसा भूचाल मारा कि जिले में बरगद की तरह जाल बिछा रखे पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के चारो खाने चित्त कर दिए।और भाजपा कौशाम्बी जिले से मंझनपुर से लाल बहादुर, चायल से संजय कुमार गुप्ता, सिराथू से शीतला प्रसाद पटेल तीनों के तीनों सीट पर जीत दर्ज की।

भाजपा से रमेश पासी को जिला अध्यक्ष पद से हटाते ही किसी जिला अध्यक्ष में ओ ताकत नही दिखाई पड़ी जो कि 2022 से आज तक इंद्रजीत सरोज का सामना कर सके।फिर 2022 से बरगद की तरह जाल बिछाया इंद्रजीत सरोज।मंझनपुर,चायल और सिराथू से स्वयं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को चुनाव हराते हुए तीनों सीट पर सपा का झंडा फहराया और जिलाजीत इंद्रजीत सरोज कहलाया।2022 में अभी बात नही थमी 2024 लोक सभा चुनाव आया तो विनोद सोनकर से भी बदला लेना था।

लोक सभा चुनाव 2024 में बड़े बड़े धुरंधरों ने अपनी अपनी जोर आजमाइश लगाई लेकिन जिला जीत इंद्रजीत सरोज के आगे नतमस्तक हो गए।जिलाजीत इंद्रजीत ने कौशाम्बी से दो बार सांसद रहे विनोद सोनकर को हराकर अपने पुत्र पुष्पेन्द्र सरोज को जीत दिलाई और अपना पिछली हार का बदला भी चुकाया।कहा ये जाता है कि कौशाम्बी जिले में सबसे ज्यादा पासी जाति के वोटर हैं लेकिन भाजपा ने इस जाति को कौशाम्बी जिला से नेतृत्व करने की आजादी किसी को नही दी गई।अन्यथा इंद्रजीत सरोज को भारी नुकसान होता।कहा यह जाता है कि यदि यही रवैया रहा तो कौशाम्बी जिले से भाजपा की जीत मुश्किल होती जा रही है।क्योंकि जनता को सांसद विधायक रहते न्याय नही दिला पा रहे थे।अब तो कौशाम्बी से बीजेपी का सूफड़ा साफ है।

2027 विधान सभा चुनाव नजदीक आ रहा है बीजेपी को कौशाम्बी जिले में अपने वोटर बढ़ाने के लिए गांव गांव में फैले भ्रष्टाचार को रोकना होगा और जनता को न्याय दिलाना होगा वरना औंधे मुंह फिर 2027 में गिरना पड़ सकता है। गांव की सार्जनिक समस्या को बीजेपी कार्यकर्ता शासन तक पहुंचाएं।तभी वोटर बीजेपी के तरफ बढ़ सकते हैं।इस विषय पर पार्टी को गहन विचार करना चाहिए।ग्रामीणों में यह बात आग की तरह सुलग रही है।

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