10 साल पहले पीड़ित पर चलाई थी गोली, 20 हजार जुर्माना भी लगा…
औरैया में अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) विकास गोस्वामी ने थाना एरवाकटरा क्षेत्र में जानलेवा हमले के 10 साल पुराने मामले में दोषी हरीदास को 7 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। उस पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।मामले की अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि ग्राम नगला भन्त निवासी वीरेंद्र बाबू ने थाना एरवाकटरा में यह मुकदमा पंजीकृत कराया। वादी ने लिखा कि राजस्व विभाग द्वारा उसको विवादित भूमि पर कब्जा दिखा दिया गया था।
हमले के दोषी को कठोर दंड देने की बहस की। जिस पर उसने अपनी झोपड़ी रख ली थी। इसी बात को लेकर दिनांक 10 दिसंबर 2013 को शाम लगभग 7 बजे उसके गांव का हरीदास एक अवैध तमंचा लेकर आ गया। उसने कहा कि आज तुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इसके साथ ही उसके ऊपर जान से मारने की नियत से तमंचे से फायर कर दिया। जिसकी गोली उसके बाएं हाथ की कोहनी में लगी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चिल्लाने पर गांव के तमाम लोग आ गये। वादी की तहरीर पर थाने में जानलेवा हमले का मामला पंजीकृत हुआ। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की। यह मुकदमा एडीजे (प्रथम) विकास गोस्वामी द्वारा बुधवार को निर्णीत हुआ। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने प्राण घातक हमले के दोषी को कठोर दंड देने की बहस की।
हरीदास को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि दोषी हरीदास गरीब व्यक्ति है। उसके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। उस पर रहम की जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने दोषी हरीदास को 7 वर्ष की कठोर कारावास व 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि घायल वीरेंद्र बाबू को बतौर प्रतिकर राशि के रूप में देने का भी आदेश दिया। सजा पाए हरीदास को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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