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बीकानेर-पंचायती राज विभाग ने प्रत्येक गांव और कस्बे में पशु-पक्षियों के दाना, पानी और चारे के निर्देश दिए हैं. खास बात यह है कि इन सब व्यवस्थाओं की फोटोग्राफी करके मुख्यालय भेजना होगा.

न्यूज़ रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्री डूंगरगढ़
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच हर गांव और कस्बों में पशु-पक्षियों के लिए चारा और दाना-पानी की व्यवस्था को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार गंभीर है. पंचायतीराज विभाग के आयुक्त रवि जैन ने तमाम जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को पत्र लिखा है. इसमें आदेश की पालना के सख्त निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही इन सब व्यवस्थाओं की फोटोग्राफी करके मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए है.राजस्थान में गर्मी जानलेवा हद तक होती है एवं इस गर्मी के प्रकोप से इंसान तो फिर भी जैसे तैसे अपनी सुरक्षा कर लेते है लेकिन बेसहारा जानवरों एवं पक्षियों केलिए राज्य भर में अनेकों प्याऊ, पंरिडे, खेल आदि सेवाभावी लोगों द्वारा संचालीत किए जा रहे है।इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए पंचायत राज आयुक्त रवि जैन ने तमाम जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को पत्र लिख निर्देश दिए हैं कि गांव और कस्बों में पशु-पक्षियों का आवागमन अधिक रहता है. इसलिए गांव में पेड़ों पर पक्षियों के लिए परिंडे लगाया जाए और उन्हें प्रतिदिन पानी और दाने की व्यवस्था की जाए. वहीं, हर गांव में सर्वे कराकर स्थान चिन्हित करके पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था की जाए,जिससे कि पशु-पक्षियों को भीषण गर्मी में चारे और पानी के लिए भटकना नहीं पड़े. पंचायतीराज आयुक्त ने सभी ग्राम विकास अधिकारियों और विकास अधिकारियों को भी आदेशों की पालना तुरंत लागू करवाने के निर्देश दिए हैं.
फोटोग्राफी से इस पर नजर-
प्रत्येक राजकीय कार्यालयों में पक्षियों के लिए पेड़ों पर परिंडे लगाये जाए और उनमें प्रतिदिन पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. लगाए गए परिंडों के फोटोग्राफ भिजवाएं जाए.पक्षियों के लिए गांव कस्बे में जहां पक्षियों की आवाजाही अधिक रहती है, वहीं एवं पेड़ों पर आवश्यक्तानुसार दाने के लिए पात्र की व्यवस्था की जाए. इन कार्यों के सम्बन्ध में आवश्यक्तानुसार स्थानीय दानदाता/भामाशाह/सामाजिक संस्थाओं एवं ग्रामीणों को प्रेरित कर उनका सहयोग लिया जा सकता है, साथ ही लगाए गए परिडों के फोटोग्राफ भिजवाएं जाएं. प्रत्येक गांव में स्थान स्थान पर सर्वे करके पशुओं के लिए खेलियां रखी जाए. साथ ही प्रत्येक दिन उसमें पानी भरने की व्यवस्था की जाए, ताकि आवारा पशु भीषण गर्मी के दिनों में प्यासे नहीं रहें.समस्त विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी अपनी ग्राम पंचायतों/गावों की सूची विभाग को उपलब्ध कराएं कि कितनी कितनी खेलिया कहां-कहां रखवाई गई है. उनमें पानी भरने की क्या व्यवस्था की गई है.

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