न्यूज़ रिपोर्टर शेर सिंह मीणा टोडाभीम
टोडाभीम भागवत कथा में श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया, झांकियां पर फूलों बरसा की
टोडाभीम। कस्बे की पुरानी अनाज मंडी परिसर में चल रही श्री भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में गुरुवार को कथा वाचक ने श्री कृष्ण रुक्मणी के विवाह की कथा सुनाई। कथा वाचक पंडित योगेंद्र शास्त्री ने बताया कि विदर्भ के राजा भीष्म के घर रुक्मणी का जन्म हुआ। बाल अवस्था से ही भगवान श्री कृष्ण को सच्चे हृदय से पति के रूप में चाहती थी। लेकिन भाई रुक्मणी का विवाह किसी और से करवाने चाहते थे। इ इस बात से रुक्मणी को बहुत दुख हुआ।
इसके बाद उन्होंने एक ब्राह्मण के साथ श्री कृष्णा को 7 श्लोको में लिखा पत्र भेजा। कथा वाचक ने बताया कि रुक्मणी ने स्वयं को प्राप्त करने के लिए उपाय की बात भी बताया। पत्र में रुक्मणी ने बताया कि वह प्रतिदिन पार्वती की पूजा करने के लिए मंदिर जाती है, श्री कृष्णा आकर उन्हें यहां से ले जाए। पत्र के माध्यम से रुक्मणी ने कहा कि मुझे विश्वास है, कि आप इस दासी को स्वीकार नहीं करेंगे तो वह हजारो जन्म लेती रहूंगी।
कथावाचक योगेंद्र शास्त्री ने कथा में बताया कि जब पार्वती पूजन के लिए रुक्मणी आई ,तो प्रभु श्री कृष्ण रुक्मणी का हरण कर ले गए। उसके बाद में रुक्मणी के पिता ने रीति रिवाज के साथ दोनों का विवाह करवा दिया। इंद्रलोक से सभी देवताओं ने पुष्पों की वर्षा की तथा खुशियों लुटाई। कथा के दौरान कस्बे सहित अनेको ग्रामीणों ने कथा में धर्म का लाभ उठाया।


















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