Advertisement

अयोध्या – बुधवार को रामनवमी के अवसर पर रामलला सोने चांदी के वर्क वाले पीतांबर वस्त्रों में दिव्य दर्शन दिए।अपने प्रभु का दर्शन पाकर भक्त निहाल हो उठे।

रामलला आज स्वर्ण वस्त्रों में भक्तों को दिए दिव्य दर्शन

अयोध्या बुधवार को रामनवमी के अवसर पर रामलला सोने चांदी के वर्क वाले पीतांबर वस्त्रों में दिव्य दर्शन दिए।अपने प्रभु का दर्शन पाकर भक्त निहाल हो उठे

www. Satyarath.com

www. Satyarath.comरामलला को रत्नों से जड़ित विशेष आभूषण से श्रृंगार किया गया।रामलला के वस्त्रों को,डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने डिजाइन किया है।रामनवमी के अवसर पर रामलला के आभूषण नए पहनाए गए।मुकुट,गले का हार,बाजू बंद,कमर बंद,अंगूठी एवं पैजनिया पहन कर रामलला दिव्य रूप में दर्शन दिए।रामललला के ललाट पर सूर्याभिषेक के लिए हीरा – माणिक्य,पुखराज एवं पन्ना के मिश्रण का तिलक लगाया गया।

*रामलला के ललाट पर* सूर्याभिषेक दोपहर सवा बारह 12:15 बजे दिव्य स्वरूपों में हुआ।भगवान के दिव्य स्वरूप का दर्शन सात लाइनों में रात 11 बजे तक अनवरत जारी रहेगा।

काम कोटि छबि स्याम सरीरा।
नील कंज बारिद गंभीरा॥
अरुन चरन पंकज नख जोती।
कमल दलन्हि बैठे जनु मोती॥

रेख कुलिस धवज अंकुर सोहे।
नूपुर धुनि सुनि मुनि मन मोहे।।
कटि किंकिनी उदर त्रय रेखा।
नाभि गभीर जान जेहि देखा।।

www. Satyarath.com उनके नीलकमल और गंभीर जल से भरे हुए मेघ के समान श्याम शरीर में करोड़ों कामदेवों की शोभा है। लाल-लाल चरण कमलों के नखों की शुभ्र ज्योति ऐसी मालूम होती है, जैसे लाल कमल के पत्तों पर मोती स्थिर हो गए हों।

चरणतलों में वज्र, ध्वजा और अंकुश के चिह्न शोभित हैं। नूपुर की ध्वनि सुनकर मुनियों का भी मन मोहित हो जाता है। कमर में करधनी और पेट पर तीन रेखाएँ हैं। नाभि की गंभीरता को तो वही जानते हैं, जिन्होंने उसे देखा है।

सत्यार्थ वेब न्यूज

शिवरतन कुमार गुप्ता “राज़”

अयोध्या

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!