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महराजगंज –महिलाओं को अपने पति के बाएं तरफ क्यों सोना चाहिए… कारण जान रहे जाओगे दंग 

महिलाओं को अपने पति के बाएं तरफ क्यों सोना चाहिए… कारण जान रहे जाओगे दंग 

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क्या आप जानते हैं कि बिस्तर पर,पत्नी को अपने पति के बाएं तरफ क्यों सोना चाहिए।बात बड़ा ही अजीब और अटपटा सा है।लेकिन अगर आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक दृष्टि से समझने की कोशिश करें तो,निश्चित तौर से पत्नी को अपने जीवनसाथी के साथ हमेशा बाएं तरफ ही सोना चाहिए।इससे जहां दोनों (पति – पत्नी) का स्वास्थ्य सर्वोत्तम रहता है,वहीं दोनों के बीच अखण्ड प्रेम का विस्तार होता रहता है।

लेकिन बहुत से पति – पत्नी इस बात को नहीं जानते हैं।

यह तो सभी लोग जानते हैं कि, हम सभी लोग अपना प्रायः प्रत्येक काम दाएं हाथ से ही किया करते हैं,लेकिन एक ऐसा वक्त आता है जब मर्द का दाहिना हाथ खुला होना चाहिए…और ओ वक्त होता है,बिस्तर पर पति – पत्नी के बीच प्रेमालाप का,रोमांस का,एक दूजे में खो जाने का…

सोते समय हर महिला की आदत होती है कि,वह अपने पति के कंधों पर, बाजू पर या फिर छाती पर सर रख कर सोती हैं।

बाएं बाजू या कंधे पर या छाती पर आपने सर रखी हों तो आपके पतिदेव का दायां हाथ स्वतंत्र (फ्री) होता है।

जिससे पति को अपने पत्नी को सहलाने के लिए,उसके बालों में उंगलियां पिरोने के लिए कोई मुश्किल या बाधा नहीं आती है।

तो महिला भी यही चाहती है कि,उसका पति उसे खूब सहलाए,खूब प्रेम करे,रोमांस करे,इधर उधर की बातें करे और उसकी दिन भर की सारी थकान पल भर में उतार दे…

*मर्द महिला की ओर बाईं करवट लेता है…*

जब कोई भी मर्द बाईं करवट सोता है तब उसकी दाईं नाक ऊपर की तरफ होती है।इससे दाया स्वर चलता है,जिसे सूर्य स्वर कहते है। इसमें श्वास लेने में कोई दिक्कत नहीं होती है।इससे शरीर में गर्मी बढ़ती है।जो मर्द के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी होता है।

औरत जैसे ही अपने पति की तरफ मुख करती है।तब उसकी बाया स्वर चलने लगता है।बाएं स्वर को चंद्र स्वर कहते हैं।इसमें शीतलता प्रदान करने वाली गुण होती है।इससे औरत के अंदर शीतलता बढ़ती है।जो औरत को संतुष्ट करने एवं स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है।

*स्वस्थ जीवन ही जिंदगी का मूल आधार होता है…*

इसलिये महिलाओ को अपने मर्द यानी पति की बाईं ओर ही सोना चाहिए।

सनातन धर्म संस्कृति में भी महिला को पुरुष की वाम अंगी बताया गया है।वाम अंगी होने का मतलब होता है कि,महिला पुरुष की बाएं भाग का ही खास हिस्सा होती है।और यही कारण है कि, धार्मिक चित्रों में भी ऐसा ही दिखाया गया है।

पूर्व काल से ही निर्धारित है कि,किसी भी महिला को अपने पति के बाएं हिस्से में ही स्थापित होना चाहीये

सोने के नियम के अनुसार भी हमारा जो बायां हिस्सा है,शरीर का वह हमेशा नीचा होना चाहिए। शरीर का दाहिना हिस्सा ऊपर की तरफ होना चाहिए,यानी कि हमको बाएं करवट ले कर ही सोना चाहिए।

वैज्ञानिक कारण

इसका वैज्ञानिक कारण भी है,हमारे शरीर के बीच में जो हृदय होता है,वह बाएं भाग में ही स्थित होता है।बाएं भाग में स्थित होने के कारण तथा जब हम बाएं करवट सोते हैं,तब रक्त का संचरण हमारे पूरे शरीर में बराबर होता है।

इसी प्रकार जब हम बाएं करवट करके सोते हैं तो,महिला को भी अपने साथ बाएं करवट ही सुलाएं।यह महिला एवं पुरुष के लिए सबसे अच्छा पोजीशन है। चाहे उनमें प्रेमालाप करने का हो,रोमांस करने का हो या चाहे साथ में सोने का…

यह वैज्ञानिक रूप से भी अच्छा होगा,और उनके आपसी रिश्तों को भी मजबूत करने के लिए भी अच्छा होगा।आपस में प्रेम संबंध स्थापित करने में भी आसानी होगी…

नोट:- यह सिर्फ आपकी जानकारी के लिए लिखा गया है।

सत्यार्थ वेब न्यूज मीडिया नेटवर्क इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।किसी हानि लाभ के लिए सत्यार्थ वेब न्यूज मीडिया नेटवर्क किसी प्रकार से उत्तरदाई नहीं है।यह आपके स्वविवेक पर निर्भर करता है…

सत्यार्थ वेब न्यूज

शिवरतन कुमार गुप्ता “राज़”

Mon.9670089541.

महराजगंज 14/04/024

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