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लखीमपुर खीरी –कोतवाली में हंगामा करने वाले भाजपा नेताओं पर एफआईआर, पुलिस वीडियो से कर रही पहचान

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लखीमपुर खीरी –कोतवाली में हंगामा करने वाले भाजपा नेताओं पर एफआईआर, पुलिस वीडियो से कर रही पहचान

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सदर कोतवाली में हंगामा करने वालों पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसमें भाजपा नेता प्रदीप वर्मा को नामजद किया गया है। 15 आरोपी अज्ञात बताए गए हैं। पुलिस वीडियो के जरिये पहचान करने में जुटी है।

लखीमपुर खीरी में दूसरे जिले के सांसद की रिश्तेदार के साथ छेड़खानी, अभद्रता के मामले में आरोपी दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली में हंगामा करना भाजपा नेताओं को भारी पड़ गया। घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में एक भाजपा नेता को नामजद करते हुए 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा है। इन सभी पर आचार संहिता उल्लंघन की कार्रवाई भी हो सकती है। पुलिस वीडियो के जरिये पहचान करने में जुटी है।

बीते शुक्रवार को देर रात एक सांसद की रिश्तेदार ने दरोगा पर छेड़खानी और मारपीट का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी थी

कार्रवाई में हो रही देरी को देखते हुए पीड़िता ने सदर विधायक को मामले की जानकारी दी। इस पर सदर विधायक योगेश वर्मा समर्थकों के साथ देर रात कोतवाली पहुंचे और हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए थे। नगर पालिकाध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव समेत दर्जनों की संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता धरने पर बैठकर आरोपी दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे थे।

डीएम ने दिए थे कार्रवाई के आदेश 

उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी दरोगा, उसकी पत्नी और बेटी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। वहीं जिले में आचार संहिता के साथ धारा 144 लागू है। ऐसे धरना देने पर भी प्रतिबंध है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने एसपी को कार्रवाई के आदेश दिए। 

एसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने धारा-144 के उल्लंघन में प्रदीप वर्मा नाम के भाजपा नेता को नामजद करते हुए 15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी अंबर सिंह ने बताया कि वीडियो के आधार पर लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे।

निलंबन की नहीं हो सकी कार्रवाई

एसपी गणेश प्रसाद साहा ने आरोपी दरोगा को निलंबित करने की चुनाव आयोग से अनुमति मांगी। घटना के पांच बीत जाने के बाद भी अभी तक चुनाव आयोग की ओर से निलंबन के लिए हरी झंडी नहीं मिली है। सूत्र बताते हैं कि अधिकारी आरोपी दरोगा की मदद कर रहे हैं, इसी के चलते अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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