(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट : नितेश कुमार)
दुद्धी/सोनभद्र। दुद्धी तहसील क्षेत्र में किराये के सामान के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। इस संबंध में अखिल भारतीय जागरण सुधार मंडल, दुद्धी इकाई के तहसील अध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार गुप्ता के समक्ष एक पक्ष ने शिकायत दर्ज कर न्याय दिलाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार 10 जुलाई 2026 को गोकुल अग्रहरी पुत्र कन्हैयालाल अग्रहरी ने लिखित शिकायत देते हुए संदीप कुमार अग्रहरी पुत्र दीनानाथ अग्रहरी पर किराये के सामान और भुगतान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता गोकुल अग्रहरी के अनुसार, उनकी शादी से कुछ दिन पहले संदीप कुमार अग्रहरी और पूजा कुमारी उनके घर पहुंचे थे। इस दौरान दोनों ने किसी कार्यक्रम के लिए झांकी का सामान किराये पर लेने की बात कही। गोकुल का आरोप है कि विश्वास के आधार पर उन्होंने अपना सामान उन्हें दे दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी न तो सामान का पूरा हिसाब किया गया और न ही किराये की राशि का भुगतान किया गया।पीड़ित पक्ष का कहना है के सिलसिले में झारखंड झांकी कार्यक्रम करने गए थे वापस लौटने के बाद जब उन्होंने अपना सामान और बकाया किराया मांगने के लिए संदीप कुमार अग्रहरी से संपर्क किया, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
गोकुल अग्रहरी ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि जब वह अपना सामान वापस लेने पहुंचे, तब उन्हें जानकारी मिली कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, संदीप कुमार अग्रहरी ने अपने परिजनों से कहा था कि यदि कोई व्यक्ति सामान मांगने आए तो उसे डायल-112 पुलिस सेवा बुलाकर चोरी के मामले में फंसा दिया जाए। इस कथित बातचीत के बाद पीड़ित पक्ष ने स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हुए सामाजिक संगठन से हस्तक्षेप की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अखिल भारतीय जागरण सुधार मंडल के तहसील अध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार गुप्ता ने दोनों पक्षों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
फिलहाल यह समाचार शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि भविष्य में किसी पक्ष की ओर से नए तथ्य सामने आते हैं, तो उन्हें भी समाचार में उचित स्थान दिया जाएगा।













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