मरवाही में पड़ोसी की हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास, द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती एकता अग्रवाल ने सुनाया फैसला, 11 महीने में आया फैसला, त्वरित न्याय की मिसाल,
आरोपी ने पत्नी के साथ घूमने के विवाद में की थी हत्या, लोहे के टंगिया से गर्दन पर वार कर की थी हत्या,
आरोपी को ₹1000 के अर्थदंड से भी दंडित किया गया, अर्थदंड की अदाएगी में चूक पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास, शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने की।

सूरज यादव, गौरेला पेंड्रा मरवाही। एक दर्दनाक घटना में, मरवाही थाना के कटरा गांव में एक पड़ोसी की दिनदहाड़े हत्या के मामले में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड श्रीमती एकता अग्रवाल ने आरोपी आनंद चौधरी उर्फ पप्पू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला घटना के 11 महीने के भीतर ही आया है, जो त्वरित न्याय की मिसाल है।
दरअसल, 2 अप्रैल 2025 को आनंद चौधरी और उसका पड़ोसी रामप्रसाद आयाम महुआ बीन रहे थे, तभी दोनों के बीच विवाद हो गया। आनंद ने अपने हाथ में लोहे का धारदार टंगिया लेकर रामप्रसाद की गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज किया।

द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी की इस हरकत में कोई भी मिटिगेटिंग सर्कमस्टेंस(Mitigating Circumstance) नहीं है, इसलिए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है। इसके अलावा, आरोपी को ₹1000 के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है, और अर्थदंड की अदाएगी में चूक होने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने की। यह फैसला न केवल आरोपी को सजा दिलाने में सफल रहा, बल्कि यह भी दिखाता है कि न्याय प्रणाली कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से काम कर सकती है। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है, और यह समाज में अपराध के प्रति सख्त संदेश भी देता है।
















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