नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र से कई लोगों को मिला नया जीवन

बलरामपुर, 17 फरवरी 2026/ नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र नशे की लत से ग्रस्त लोगों को नई दिशा दे रहा है, साथ ही उनके जीवन को सकारात्मक रूप से बदलने का सशक्त माध्यम भी बन रहा है।कई लोग गलत संगति के कारण शराब, गांजा, भांग, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा एवं तंबाकू जैसे अनेक नशीले पदार्थों की लत में फँस जाते हैं। नशे की वजह से उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। साथ ही मानसिक रूप से आर्थिक तंगी और सामाजिक तानों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र ने कई परिवारों के जीवन को नई दिशा दी है। नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और युवाओं को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

नशा मुक्ति केंद्र में निर्धारित दिनचर्या अनुसार गतिविधियां कराई जाती है। केंद्र में समय-समय पर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। चिकित्सकों की टीम द्वारा उपचाराधीन लोगों का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें बेहतर जीवन जीने हेतु परामर्श भी दिया जाता है। चिकित्सकों द्वारा समझाईश दी जाती है कि नशा से पाचन तंत्र, हृदय और लिवर पर सर्वाधिक असर पड़ता है। इसलिए नशीले पदार्थों से दुरी बनानी चाहिए। साथ ही प्रेरक गतिविधियाँ एवं अनुशासित जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जाता है। ताकि वे नशे की लत से बाहर आ सके।केन्द्र में रहने वाले कई मरीजों ने अपने अनुभव भी साझा किए।

मरीजों ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र का माहौल और यहाँ दी जा रही चिकित्सा सेवा उन्हें घर जैसा अहसास कराती है। यहाँ उपचार के साथ-साथ नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से आत्मविश्वास मिल रहा है। समय-समय पर काउंसलिंग भी किया जाता है। साथ ही दैनिक दिनचर्या अनुसार विभिन्न गतिविधियां भी कराई जाती है।नशा मुक्ति केंद्र के संचालक ने बताया अब तक लगभग 478 से अधिक नशा पीड़ित ठीक होकर बेहतर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। एक तरह से कहा जा सकता है कि सही मार्गदर्शन, इच्छाशक्ति और परिवार के सहयोग से नशे की लत से मुक्ति संभव है।उल्लेखनीय है कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए शासन-प्रशासन द्वारा नशा मुक्ति जैसे कार्यक्रम को प्राथमिकता से लेते हुए प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

कृष्णा पासवान की रिपोर्ट
















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