जतारा वन विभाग की वर्षों पुराने अतिक्रमण के विरुद्ध बेदखली की बड़ी कार्यवाही

भटगोरा गांव के समीप 90 हेक्टेयर (लगभग 200 एकड़) वन भूमि को अतिक्रमण से कराया मुक्त
अतिक्रमण बेदखली के लिए भटगोरा गांव के लोगों ने एक साथ 50 से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतें दर्ज कराकर की गई थी मांग
शिकायत के निराकरण और अतिक्रमण बेदखली के दौरान जतारा रेंजर और शिकायतकर्ता के बीच हुई तू तू मैं मैं
टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार की रिपोर्ट
वन परिक्षेत्र जतारा अंतर्गत वन भूमि से अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चल रही मुहिम के अंतर्गत दिनांक 25/10/2025 को वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार द्वारा सुबह से सैकड़ों की संख्या में वन अमले के साथ मौके पर उपस्थित होकर वन परिक्षेत्र जतारा की बीट बारछी अंतर्गत भटगोरा गांव के समीप वन भूमि के कक्ष क्रमांक पी 338 बी में व्याप्त 90 हेक्टेयर (लगभग 200एकड़) से अधिक वन क्षेत्र जिसमें खेत, कुआं, और घर मकान बने थे उक्त वन क्षेत्र में व्याप्त वर्षों पुराने अतिक्रमण को तीन से चार जेसीबी की मदद से अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया गया।
वन क्षेत्र में अतिक्रमण बेदखली के दौरान बड़ी बड़ी खाइया, सीपीटी, बड़े बड़े गड्ढे, खोदकर प्रोसोपिस और कटीली झाड़ियों के बीज बोकर सीपीटी की सीमा लाइन बनाकर सुरक्षित कराया गया।
उक्त अतिक्रमण बेदखली की कार्यवाही के लिए पांच दिन से लगातार भटगोरा गांव के ग्रामीणों ने लगातार 50 से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतें दर्ज कराई गई थी जिनके निराकरण और अतिक्रमण बेदखली के दौरान शिकायतकर्ता और जतारा रेंजर के मध्य तू तू मैं मैं हुई क्योंकि
शिकायतकर्ता स्वयं और उसके परिवार जन भी अवैध रूप से वन भूमि में अतिक्रमण किए थे जिनको अन्य अतिक्रमणकारियों के साथ वन भूमि से बेदखल किया गया।
खबर लिखे जाने तक अतिक्रमण बेदखली की कार्यवाही जारी है जो चार से पांच दिन तक चलेगी जिस पर प्लांटेशन की तैयारी की जाना प्रस्तावित है।

उक्त अतिक्रमण बेदखली की कार्यवाही वन संरक्षक वन वृत छतरपुर और वन मंडल अधिकारी टीकमगढ़ एवं उपवन मंडल अधिकारी टीकमगढ़ के दिशा निर्देशन और मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व में की गई जिसमे जतारा के संपूर्ण वन अमले के साथ टीकमगढ़ एवं बल्देवगढ़ का वन अमला शामिल रहा।
















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