*नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में टैंकर परिचालन के नाम पर बड़ा घोटाला*
*हर घर नल जल योजना के सफल संचालन के बावजूद गावों में टैंकर का परिचालन समझ से परे*
*सोनभद्र*/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह
Mo 9580757830

सोनभद्र नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में कागजी खानापूर्ति में होता रहा टैंकर का परिचालन और पिछले चार महीनों से हर महीने किया गया है लाखों रुपए का भुगतान सरकारी धन को पानी में पानी की तरह बहा रहे हैं ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान कर रहे हैं सरकारी धन का बंदरबांट नहीं लगी किसी को इतने बड़े घोटाले की भनक जमीनी हकीकत जाने बगैर पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान लगाते रहे सरकार को चुना।
जीरो टार्लेंस की नीति पर कार्य करने वाली सूबे की योगी आदित्यनाथ जी कि सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ाते नगवां ब्लॉक के अधिकारी कार्यवाई का नही है कोई भय।
आप को बताते चलें कि नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में टैंकर परिचालन के नाम पर पिछले चार महीनों से हर महीने लाखों रुपए का भुगतान होता रहा है ताज्जुब की बात तो यह है कि इतना बड़ा घोटाला बीडीओ और एडीओ पंचायत के नाक के नीचे होता रहा पर ये लोग अपने कार्यालय में बैठे आराम फरमाते रहे कभी गावों में जाकर जमीनी
हकीकत जानने की कोशिश नहीं किया।
सूत्रों ने बताया कि ऐसे मैदानी ग्राम पंचायत जहां हर घर को नल जल योजना से जोड़ा गया है जहां पेयजल की आपूर्ति जल जीवन मिशन के तहत किया जा रहा है उस ग्राम पंचायतों में भी दो दो टैंकर का परिचालन कर सरकारी धन का भरपूर दुरुपयोग किया गया है जैसे सरई गढ़, बनबहुआ , गोटी बांध,नंदना सिकरवार आदि गावों में भी कागजों में टैंकर परिचालन दिखाकर लाखों रुपए का भुगतान हर महीने किया गया है जबकि अच्छी बारिश होने की वजह से अधिकतर हैंड पंप पानी देने लगे है फिर भी पिछले 14 जुलाई को पंचायत सचिवों द्वारा लाखो का भुगतान किया गया है।
इस संबंध में पंचायत सचिव राकेश द्विवेदी से बात की गई तो उन्होंने ने सारा ठीकरा उस समय रहे एडीओ पंचायत व पंचायत सचिव के ऊपर लाद दिया अगर इस प्रकार के घोटालों में अगर अधिकारी कर्मचारी एक दूसरे पर दोषारोपण करते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देंगे तो क्या प्रदेश सरकार की छवि धूमिल नहीं होगी। नगवां ब्लॉक में तो एकही बिल के उपर डिक्शनरी रिबोर टैंकर मरम्मत का भी भुक्तान किया जा रहा है जिनका सुध लेने वाला कोई नहीं इस ब्लॉक का 14 वां वित्त और 15 वां वित्त के साथ प्रशासनिक मत की जांच होनी चाहिए
ऐसे में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सोनभद्र का ध्यान आकृष्ट कराते हुए टैंकर परिचालन के नाम पर हुए भारी भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच करवाकर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
















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