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कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक संपन्न हुई।

कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक संपन्न हुई।

संवाददाता राहुल वर्मा


झांसी। सोमवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक संपन्न हुई।

शासी निकाय की बैठक में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी का फोकस वीएचएसएनडी पर रहा, उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर आयोजित सत्र की निगरानी जिला स्तरीय अधिकारियों को देते हुए कहा की ऐसे चिह्नित बच्चे जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है उनका टीकाकरण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने एमओआईसी को ज़िम्मेदारी देते हुए कहा की चिह्नित बच्चों के अभिभावकों को फ़ोन के माध्यम से सत्र की जानकारी दें ताकि बच्चों का टीकाकरण कराया जा सके। उन्होंने कहा कि वी एचएसएनडी सत्र में दी जाने वाली सेवाएं एवं लॉजिस्टिक की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए, जहाँ भी कोई कमी है उसे तत्काल दूर करना सुनिश्चित करें।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त चिकित्सकों को संवेदनशील / मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मरीजों का प्रापर इलाज करने और अस्पतालों में दवाओं के साथ समस्त सुविधाएँ एवं संसाधन उपलब्ध होने पर जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य किया जाए तो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।

 

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की रजिस्ट्रेशन की समीक्षा करते हुए एमओआईसी चिरगांव एवं बामौर को कम रजिस्ट्रेशन होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कमेटी गठित कर जनपद में अब तक गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन की जांच के आदेश दिए। उन्होंने ताकीद करते हुए कहा की क्षेत्र में समस्त गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण ई-कवच पर कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया। उन्होंने जनपद के समस्त शासकीय अधिकारी, शैक्षणिक संस्थान, जनप्रतिनिधि, व्यापारिक संगठन एवं एनजीओ के द्वारा गोद लिए जाने निर्देश दिए ताकि मरीज जहां एक ओर मनोबल बढ़ेगा वही इसके प्रति लोगों में जागरूकता भी होगी। उन्होंने प्रत्येक क्षय रोगी को पोषण आहार हेतु एक पोटली दिए जाने भी निर्देश दिए जिसमें मूँगफली, चना, गुड़, सत्तू, गजक, बॉर्नविटा आदि वस्तुएं शासन द्वारा निर्धारित की गई है। बैठक में जिलाधिकारी ने क्षय रोगियों को केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं से भी आच्छादित किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के साथ ही दवाओं की उपलब्धता भी शत प्रतिशत किए जाने के निर्देश दिए। जिला पुरुष चिकित्सालय /जिला महिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर में निर्धारित दवाओं के सापेक्ष शत प्रतिशत दवा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, एंबुलेंस सेवा, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति और किए गए कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० सुधाकर पांडेय, सीएमएस महिला डॉक्टर राजनारायण, सीएमएस मेडिकल कॉलेज डॉ सचिन माहौर, एसीएमओ डा0एन के जैन, डॉ0 रवि शंकर, डॉ० राजीव भदौरिया, उपजिला क्षयरोग अधिकारी डॉ० अंशुमान तिवारी, , डीपीएम ऋषि राज, डीएमसी आदित्य जयसवाल, डीसीओ रजनीश मिश्रा, वीसीसीएम गौरव वर्मा सहित समस्त एमओआईसी व अन्य चिकित्सक, विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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