फतेहपूर सीकरी ऐतिहासिक स्मारक सीकरी में ए डीए विभाग कर्मचारि की मनमर्जी के चलते सरकारी आदेशों की अवहेलना करते नजर आए
बंटी कुरैशी संवाददाता सत्यार्थ न्यूज

सीकरी विश्वधरोहर में लगभग 6 साल से अधिक समय से एक ही जगह कार्य कर रहे ए डी ए कर्मचारी सुभाष द्वारा पत्रकार से अभद्र भाषा शैली का उपयोग किया गया
फतेहपुर सीकरी,भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संरक्षित स्मारक पर लगभग 6 साल से अधिक समय से एक ही जगह कार्य कर रहे जब पत्रकार पहुंचे तो देखा ए डी ए कर्मचारी सुभाष टिकट विंडो के अंदर बैठकर टिकट बांट रहे थे इसकी सूचना पहले से भी मिलती रही है तभी पत्रकार द्वारा फोटो कैप्चर किया गया उसके बाद कर्मचारी सुभाष द्वारा फोन कर अभद्र भाषा शैली का उपयोग पत्रकार के साथ किया गया सीनियर अधिकारियों के आदेशों को भी मानने से मना करते नजर आते हैं ए डी ए कर्मचारी सुभाष लगभग 6 साल से अधिक समय से सीकरी स्मारक जोधा बाई विंडो ब दीवाने आम विंडो पर कार्य कर रहे हैं अभी 2 दिन पहले ए डी ए कर्मचारी सुभाष द्वारा जोधा बाई विंडो से खरीदी हुई टिकट को दीवाने आम विंडो पर अपनी मर्जी के चलते खुद के बनाए हुए नियम के तहत गाइड के साथ पर्यटकों को अंदर जाने से रोक दिया और टिकट स्वीकार करने से मना कर दिया गाइड द्वारा बहस करने पर बाद में फिर अंदर जाने दिया जिसमें कई ए डी ए सीनियर अधिकारियों द्वारा समय-समय पर कर्मचारियों का फेर बदल होता रहता है लेकिन पता नहीं क्यों सुभाष का लगभग 6 साल से कहीं भी ट्रांसफर नहीं हुआ यह एक बड़ा प्रश्नचीन बन गया है सीनियर अधिकारियों का सुभाष का लगभग 6 साल से एक ही जगह कार्य करने पर नजर अंदाज करना एक चिन्ता का विषय बना है टिकट विंडो के अंदर बैठकर टिकट बेचते हैं ए डी ए कर्मचारी सुभाष का फोटो लेने पर भड़क गया और पत्रकार से हार्ड ट्यूनिंग में बात करने लगे अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे

जिसकी जानकारी ए डी ए क्षेत्रीय अधिकारी इंद्रपाल को देते हुए पूछा तो उन्होंने कहा कर्मचारी ए एस आई कर्मचारियों को टॉयलेट वगैरा जाने के लिए सीट पर बैठ सकता है उससे अधिक समय के लिए नहीं आगरा ए एस आई सुपरीटेंडेंट स्मृतिआ कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा बरसात से बचने के लिए अंदर बैठ सकते हैं उसके बाद सीकरी स्मारक संरक्षक सहायक दिलीप कुमार से पूछा तो उन्होंने कहा मैं मीटिंग में हूं बाद में बात करता हूं जवाब देने से बचते नजर आए सभी अधिकारियों के अलग-अलग जवाब से स्पष्ट होता है की अनुमति शायद नहीं है अगर अनुमति नहीं है तो बिना अनुमति के बिना कर्मचारी आदेशों का पालन न करते हुए टिकट विंडो के अंदर बैठकर सालों से टिकट क्यों बेच रहा था ?
















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