*अजय पप्पू मोटवानी के जन्मदिन में दिखाई दिया “नव- चिंतन” नया प्रयोग,,,,,,,*
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काँकेर में आज 26 जून को अजय पप्पू मोटवानी (अध्यक्ष जन सहयोग सामाजिक संगठन) के जन्मदिवस पर झूलेलाल मंदिर में एक पुरानी परंपरा को त्याग कर “नव चिंतन ” की विचारधारा के अनुसार नया प्रयोग किया गया ,जिसमें मोमबत्तियां जलाने और बुझाने के स्थान पर दीपक जलाकर प्रवाहित करने की परंपरा शुरू की गई ,जिसका सब ने स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि अनेक धर्मों में फूंक मार कर मोमबत्तियाँ बुझाना बहुत अशुभ माना जाता है। अजय पप्पू मोटवानी के जन्मदिवस पर आटे का दीप बनाकर ,उसमें पांच बातियां लगाई गईं और कार्यक्रम के पश्चात झूलेलाल मंदिर के पीछे स्थित तालाब में दीप को उचित पात्र में रखकर श्रद्धापूर्वक प्रवाहित कर दिया गया। इस अवसर पर समाज के सदस्यों में राजकुमार फब्यानी, प्रेम फब्यानी, सुनील भाषवानी, कंचन कुकरेजा, एवं अनेक सामाजिक सदस्य उपस्थित थे। सबने अजय पप्पू मोटवानी को समाज का अनमोल रतन बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज का नाम दूर-दूर तक रोशन किया है। सब ने उनकी दीर्घायु तथा उत्तम स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं प्रकट कीं एवं झूलेलाल भगवान के जयकारे लगाए।


















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