Advertisement

मरवाही पुलिस की सूझबूझ: मरवाही पुलिस ने 14 साल की नाबालिक बालिका की जान बचाई, धारदार हथियार के साथ रूम में बंद थी बच्ची, पुलिस ने किया 4 घंटे का सफल रेस्क्यू

मरवाही पुलिस की सूझबूझ: मरवाही पुलिस ने 14 साल की नाबालिक बालिका की जान बचाई, धारदार हथियार के साथ रूम में बंद थी बच्ची, पुलिस ने किया 4 घंटे का सफल रेस्क्यू

मरवाही पुलिस का मानवीय चेहरा: पढ़ाई से नाराज़ होकर रूम में बंद हुई बच्ची, पुलिस ने बचाई जान, लोहे का हंसिया लेकर रूम में बंद हुई बच्ची,

सूरज यादव, गौरेला पेंड्रा मरवाही। GPM जिले के मरवाही पुलिस ने एक 14 साल की नाबालिक बालिका की जान बचाई है। बताया जा रहा है कि बालिका अपने घर वालों से नाराज़ होकर अपने आप को 4 घंटे से रूम में बंद कर ली थी और साथ में एक धार दार हथियार भी रखी थी, जिससे किसी अनहोनी की आशंका थी। मरवाही पुलिस का मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है, जब उन्होंने सूझबूझ से 14 साल की नाबालिक बच्ची की जान बचाई। थाना प्रभारी मरवाही शनिप रात्रे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि बच्ची ने अपने घर में लोहे का हंसिया लेकर दरवाजा बंद कर ली थी, और किसी को भी अंदर नहीं आने दे रही थी। पुलिस को सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मरवाही शनिप रात्रे अपने हमराह स्टॉफ के साथ तत्काल ग्राम कुम्हारी पहुंचे और बच्ची के मां से कारण जानने का प्रयास किया। मां ने बताया कि बच्ची पढ़ाई करने के लिए नहीं जाना चाहती थी और मोबाइल चलाने की जिद कर रही थी।

पुलिस ने बच्ची को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए दरवाजा तोड़कर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और उसके हाथ से लोहे का हंसिया छीन लिया। बच्ची की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की जांच के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही ले जाया गया, जहां उसकी जांच की गई और वह स्वस्थ पाई गई। मरवाही पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जिन्होंने एक नाबालिक बालिका की जान बचाई है। पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक परिवार को बड़ी मुश्किल से बचाया है।

दिनाँक 03/02/2026 को थाना मरवाही पुलिस को सूचना मिला कि एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची सुबह 9:00 बजे से किसी बात पर नाराज होकर कई घंटो से अपने घर में लोहे का हंसिया लेकर दरवाजा बंद करके रखी है। उक्त सूचना को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला पुलिस अधीक्षक महोदय मनोज कुमार खिलारी, एसडीओपी गौरेला राजेश देवांगन, एसडीओपी मरवाही श्याम सिदार को अवगत कराकर बिना समय गंवाए थाना प्रभारी मरवाही निरीक्षक शनिप रात्रे अपने हमराह स्टॉफ के साथ तत्काल ग्राम कुम्हारी पहुंचकर पहले बालिका के मां से कारण जानने का प्रयास किया गया है। मां ने बताया कि मैं जब बच्ची को पढ़ाई करने के लिए बोली तब पढ़ने नहीं जाउंगी, मैं पढ़ाई नहीं करूँगी, और सिर्फ मोबाइल चलाऊंगी बोल कर घर में रखे लोहे की हंसिया को पकड़ कर कुछ भी बोलोगी तो अपने आप को जान सहित खत्म कर लूंगी बोलकर सुबह 9:00 बजे से बिना खाना खाएं दरवाजा बंद करके रखी है। जिसे मेरे द्वारा खोलवाने का बहुत प्रयास किया गया परन्तु नहीं मानी तब पार्षद पुनीत प्रधान एवं मोहल्ले वालों को बुलाई पार्षद एवं मोहल्ले वाले भी मानने का प्रयास किए। साथ ही बच्ची के सहेली एवं शिक्षक को बुलाकर भी मानने का प्रयास किया गया परंतु बच्ची दरवाजा नहीं खोली।

बच्ची अपने आप को नुकसान न पहुँचा ले उसको ध्यान में रखते हुए मरवाही पुलिस को सूचना दिया गया तब पुलिस मौके पर पहुंच कर थाना प्रभारी एवम स्टाफ द्वारा हर संभव प्रयास किया गया परन्तु बच्ची दरवाजा नहीं खोली। विगत 4 घण्टे से बालिका अपने आप को घर में बंद कर रखी थी जिससे बालिका के द्वारा किसी प्रकार का अनहोनी घटना न करें उसे ध्यान में रख कर थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे के द्वारा सूझबूझ से काम लेते हुए दरवाजा को लात मारकर तोड़कर दरवाजा खोला गया और बच्ची के द्वारा अपने हाथ में रखे लोहे के हंसिया को छीन कर सकुशल निकाला गया। बच्ची की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य हेतु तत्काल पुलिस टीम के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही लाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, बच्ची एवं बच्ची की माँ को अच्छे से समझाईस देकर माँ को सुपुर्द किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे के साथ सहायक उप निरीक्षक कांतिलाल वानी, प्र आर -अशोक गौतम, आर -मनोज मरावी, महिला आरक्षक कमलेश जगत की सराहनीय भूमिका रही।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!