भयावह और बदतर पकडंडी रास्ता कुरकुरिया पंचायत के भाट को विकास से कोषो दुर ग्रामीणो मे आक्रोश
भयावह और बदतर पकडंडी रास्ता कुरकुरिया पंचायत के भाट को विकास से कोषो दुर ग्रामीणो मे आक्रोश गड़हे और खाई मे तब्दील कुरकुरिया भाट के रास्ते बरसात मे हालात और बदतर विकास के दावे बनाम जमीनी हकीकत कुरकुरिया भाट मार्ग
रिपोर्टर, गुलाब यादव
स्थान, बगीचा /जशपुर ( छ.ग.)

छतीसगढ / जशपुर जिला/ बगीचा ब्लाक की है जहा ग्राम कुरकुरिया पंचायत भाट मार्ग की है जहा पहाड़ी कोरवा की बसाहट है।
आजादी के कई दसक वित जाने के बावजुद भी आज तक सडक का निर्माण नही हो सका जिससे ग्रामीणो का जन जीवन नरकीय हालत मे डुबा हुआ है। वनांचल क्षेत्र होने के कारण कुरकुरिया भाट को लम्बे समय से मुलभुत सुविधाओ से वंचित रखा गया है गाव के कच्चे मार्ग उबड खाबड की सतह से भरे है जो हर रोज खुलेआम दुर्घटना को न्योता दे रहे है बरसात के दिनो मे और विकराल हो जाता है। जब पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
संडक के अभाव का दुष्प्रभाव स्कुली बच्चो बुर्जुगो गर्भवाती महिलाओ रोगियों पर पड रहा है बच्चो का पढ़ाई बाधित होता है। जबकी मरिजो को उपचार मिल पाना कठिन हो जाता है। ग्रामीणो का कहना है पुराना सिस्टम को अपनाना पड रहा है मरिजो को गेडुआ भार मे ढोकर तीन किलोमिटर लेजाना पड रहा है एवं अपात कालीन सेवा गाव तक नही पहुच पा रही है। जिससे जन सुरक्षा पर सिधा खतरा बना रहता है।

ग्रामीण ने आरोप लगया है कि उन्होने कई बार शिकायते एवं माग पत्र दिए लेकिन जिमेदार अधिकारी एव जनप्रतिनिधि केवल अस्वासन तक ही सिमीत रहे जमीनी स्तर पर को ठोस करवाई नही हुआ ग्रामीणो ने कुरकुरिया भाट को प्राथमिकता सूची मे शामिल कर तत्काल संडक निर्माण की माग की है। उन्होने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू नही हुआ तो मजबुरन आनदोलन का रस्ता अपनाएगे और यह भी ग्रामीणो कहा है। शासन सत्ता मे आने से पहले बडी बडी बाते समाज एवं गरिबो के लिए जरूर होती है लेकिन जब वही जनप्रतिनिध शासन सत्ता मे आ जाता है तो सारी कर्तव्य और वादे भुल जाते है।
















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