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लिखमादेसर में शिव महापुराण कथा सातवें दिन,शिवेन्द्राश्रमजी महाराज ने सुनाया शिव महापुराण में कोटिरुद्र संहिता का प्रसंग, भामाशाहों ने श्री हंसोजी गोपाल गौशाला में बढ-चढ़कर दिया सहयोग देखें धार्मिक आयोजन की पूरी खबर फ़ोटो वीडियो सहित

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता ब्युरो चीफ

क्षेत्र के गांव लिखमादेसर में जगदीश प्रसाद पुत्र जयचंद राम तिवाड़ी परिवार द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा के आयोजन में सातवें दिन शुक्रवार को शिव महापुराण कथा में शिवेन्द्राश्रमजी महाराज ने शिव महापुराण में कोटिरुद्र संहिता के अनुसार महादेव के स्वम्भू ज्योतिर्लिंग एवं शिव क्षेत्रों का वर्णन बताया शिवेन्द्राश्रमजी महाराज ने बताया कि इसमें शिवजी की महिमा के बारे में बताया गया है और शिव के जीवन पर गहराई से प्रकाश डाला गया है,शिव पुराण में 24 हजार श्लोक और 6 खंड हैं,जिसे संहिता भी कहा जाता है,कहीं कही 7 संहिता का भी उल्लेख किया गया है,इन्हीं में एक है कोटिरुद्र संहिता कोटिरुद्र संहिता में विशेषकर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के बारे में बताया कि शिव पुराण में देवों के देव महादेव के कल्याणकारी स्वरूप को विस्तार से बताया गया है,भगवान शिव जो स्वयंभू हैं,शाश्वत हैं,सर्वोच्च सत्ता है,विश्व चेतना हैं और ब्रह्माण्डीय अस्तित्व के आधार माने जाते हैं,यही नहीं भगवान शिव के रहस्य, महिमा और उपासना का पूरा वर्णन किया गया है। शिव पुराण में भगवान शिव की महिमा और भक्ति के साथ पूजा-विधि,बहुत से ज्ञान प्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओं का वर्णन और भगवान शिव के भव्य व्यक्तित्व का गुणगान किया गया है. शिव पुराण में 6 खण्ड और 24000 श्लोक है। जिसमें भगवान शिव के महत्व को समझाया गया है।शिव पुराण के कोटिरुद्र संहिता में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग का विस्तृत वर्णन किया गया है। इन प्राचीन 12 ज्योतिर्लिंग रूपी शिवलिंग में साक्षात भगवान शिव का वास माना जाता है,हिंदू धर्म में 12 ज्योतिर्लिंग के पूजा करने का विशेष महत्व रहा है सोमनाथ ज्योतिर्लिंग,मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग,केदारनाथ ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग,काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग,नागेश्वर ज्योतिर्लिंग रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग घृष्णेश्वर मन्दिर ज्योतिर्लिंग शिव भक्तों के लिए इस पुराण का बहुत महत्व है, शिव पुराण में शिव जी को वात्सल्य,दया और करुणा की मूर्ति के रुप में दर्शाया गया है।इस पुराण का पाठ करने से व्यक्ति में शिव के समान श्रेष्ठ गुणों का संचार होता है,अगर आप भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो शिव पुराण का पाठ अवश्य करें। आज कथा के सातवें दिन भामाशाहों ने गांव की श्री हंसोजी गोपाल गौशाला में बढ-चढ़कर गोसेवार्थ धन सहयोग दिया।सभी दान दाताओं का दुप्पटा पहनाकर स्वागत किया गया ग्रामीणों ने गोसेवार्थ दिए गए सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। कथा में बड़ी संख्या में आस-पास से श्रद्धालु श्रवण लाभ लेने के लिए पहुंच रहे है।

दान-दाताओ द्वारा दिया गया सहयोग –

21000 कैलाश जी श्याम सुंदर जी गांव गोगासर
11000 बेगाराम जी जोधाराम तिवाड़ी गांव लिखमादेसर
5100 गणेशाराम जी नंदराम जी पांडिया राणासर
5100 प्रयागराज की रामावतार जी पांडिया दुलरासर
5100 संतोष जी सही राम जी पांडिया नकारासर
5100 जगदीश प्रसाद हनुमान रामजी तिवारी लिखमादेसर
5100 मांगीलाल जी मालूराम जी तिवारी लिखामदेसर
3100 त्रिलोकचंद जी भेराराम जी पांडिया बरजांगसर
3100 तुलसीराम जी प्रीत राम जी पांडिया
2100 शिव भगवान जी बीरबल जी पांडिया राणासर

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