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सोनभद्र -*महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के नेतृत्व कर्ता पूज्य भंते विनाचार्य को रिहा करने की मांग को लेकर सौपा ज्ञापन*

*महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के नेतृत्व कर्ता पूज्य भंते विनाचार्य को रिहा करने की मांग को लेकर सौपा ज्ञापन*

 

, सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

Mo 9580757830

 

सोनभद्र 15 मई 2025 को संयुक्त बुद्धिष्ट संगठन सोनभद्र के लोग कलेक्ट्रेट परिसर पहुँच महाबोधि महाविहार ( बिहार ) मुक्ति आंदोलन के अगुआ पूज्य भंते विनाचार्य जी को बिहार पुलिस द्वारा गायब किए जाने व अराजक तत्वो द्वारा महाबोधि महाविहार में लोगो के साथ मारपीट व दुरब्यौहार किए जाने के विरोध में तथा बोधिगया टेम्पल एक्ट ( B T Act 1949 ) को निरस्त करके महाबोधि महाविहार, बोधगया ( विहार प्रदेश ) का प्रबंधन बुद्धिष्टो को सौंपे जाने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन पत्र जिलाधिकारी सोनभद्र के प्रतिनिधि को सौंपा जिसकी प्रतिलिपी मा0 प्रधानमंत्री जी भारत सरकार, महामहिम राज्यपाल महोदय विहार प्रदेश एवं मा0 मुख्यमंत्री जी विहार प्रदेश के नाम भी ज्ञापन पत्र सौपा ।

*इस दौरान संयुक्त बुद्धिष्ट संगठन सोनभद्र के सयोंजक सुमन्त सिंह मौर्य एवं डा0 भागीरथी सिंह मौर्य* ने कहा कि बिहार गजेटियर 6 जुलाई 1949 को बिहार सरकार द्वारा बोधगया टेम्पल एक्ट 1949 लागू कर महाबोधि बुद्ध विहार बोधगया (बिहार प्रदेश) में विधर्मी समुदाय को प्रबंधतंत्र में शामिल करने से बौद्ध विरासत को भारी नुकसान हो रहा है। महाबोधि महाविहार बोधगया दुनिया के सभी बुद्धिस्टो का बहुत बड़ा धार्मिक केंद्र एवं एक पवित्र स्थान है। जबसे बोधगया टेम्पल एक्ट 1949 लागू किया गया और विधर्मियो को प्रबन्धन में सम्मिलित किया गया तब से बुद्धिस्टो के इस पवित्र स्थल के परिसर के आस पास अतिक्रमण करके कई विधर्मी देवी देवताओं की छोटी बड़ी प्रतिमा को स्थापित करके पूजा पाठ शुरू कर दिया गया है तथा विधर्मी कर्मकांड भी इस परिसर के अन्दर किया जा रहा है जो बुद्धिस्ट समाज एवं मान्यता का घोर अपमान है, बुद्धिस्टो के धार्मिक आस्था व मान्यताओं को चोट पहुँच रहा है जिससे पूरा बुद्धिस्ट समाज आहत है। इस तरह के कानून होने से भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया के बुद्ध में आस्थावान समाज, समतावादी एवं बौद्ध समाज में क्षोभ व्याप्त है।

*रविरंजन शाक्य एवं लक्ष्मी पटेल तथा विजयमल मौर्य* ने कहा कि महाबोधि महाविहार बोधगया को विधर्मियो के चंगुल से मुक्त कराने की मांग को लेकर 10 फरवरी 2025 से शांति पूर्वक चल रहे धरना प्रदर्शन के दौरान दिनांक 13 व 14 मई की रात्रि कुछ अराजक तत्व महाबोधि महाविहार में जय श्रीराम के नारे लगाते हुए महिलाओं पर फब्तियां कसते हुए दुरब्यौहार करने लगे जिसका विरोध करने पर बौद्ध भिक्षुओं एवं उपासको से मारपीट करने लगे इसी बीच बिहार पुलिस पूज्य भंते विनाचार्य को उठा ले जाती है तभी से भंते विनाचार्य जी गायब है भंते जी का किसी से कोई सम्पर्क नही है जो बौद्ध अनुआईयो के लिए बहुत ही चिंता का विषय है *ऐसी दशा में संयुक्त बुद्धिस्ट संगठन सोनभद्र महामहिम महोदय से मांग करता है कि* पूज्य भन्ते विनाचार्य को बिहार पुलिस सबके समक्ष लाए तथा बी टी एक्ट 1949 को तत्काल निरस्त किये जाने। महाबोधि बुद्ध विहार बोधगया (बिहार प्रदेश) का प्रबन्धन राज्य सरकार अपने नियंत्रण से मुक्त कर महाबोधि बुद्ध विहार बोधगया के बुद्धिस्टो के हाथों में सौंपे जाने ।महाबोधि बुद्ध विहार मुक्ति आंदोलन बोधगया’ में आंदोलनरत बौद्ध भिक्षुओं, बुद्धिस्टो पर दर्ज किये गए सभी एफ आई आर को वापस लेकर रिहा किये जाने । सारी दुनिया को समता, स्वतंत्रता,मानवता, न्याय, बंधुत्व, करुणा, सुख-शान्ति व अहिंसा का संदेश देने वाले लोकतांत्रिक विचार देने वाले महानायक बुद्ध के ज्ञान स्थली ‘महाबोधि महाविहार बोधगया’ के आंदोलन के महत्ता को बल प्रदान करते हुए इसका प्रबंधन बुद्ध भिक्षुओं को सौपे जाने ।वर्तमान समय मे बुद्ध भिक्षुओं व बुद्ध उपासकों व समर्थकों को तरह तरह से तिरस्कृत व उत्पीड़ित व अपमानित किया जा रहा है कहीं कहीं प्रायोजित हिंसा का शिकार भी होना पड़ रहा है, जिस पर तत्काल रोक लगाए जाने के लिए बिहार सरकार को आदेश देने की कृपा करें जिससे बौद्ध अनुयायी अपने पवित्र स्थली पर सुरक्षा व संरक्षण के माहौल में देशाटन का सुअवसर प्राप्त कर सकें।

इस दौरान विजयमल मौर्य, गिरजा प्रसाद, एड0 उदयराज मौर्य, जितेंद्र कुमार, अनिल कुमार, सुनील कुमार सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे ।

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