JPNIC के खुलने का रास्ता साफ मरम्मत की जिम्मेदारी LDA को सौंपी गई।आईजीपी की तर्ज पर संचालित होगा JPNIC
सत्यार्थ न्यूज़ एस के जोशी ब्यूरो लखनऊ दिनांक 05/052025

JPNIC: 8 सालों से बंद जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) के खुलने का रास्ता साफ हो गया है. बहुत जल्द इसे खोला जाएगा, क्योंकि योगी सरकार ने इसके मरम्मत की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंप दी है. इसे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (IGP) की तरह JPNIC का संचालन किया जाएगा. LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जानकारी दी कि योगी सरकार ने JPNIC को एलडीए के हाथों में हैंडओवर कर रही है. अब इसके संचालन की नीतियां बनाई जाएंगी.
JPNIC की खासियत
JPNIC एक 19 मंजिला बहुउद्देशीय कन्वेंशन हॉल है, जिसमें 2000 लोगों के बैठने की क्षमता है. इसके अलावा, इसमें 107 कमरों वाला लग्जरी होटल, सैलून, रेस्त्रां, जिम, स्पा, स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन, टेनिस व स्क्वैश कोर्ट और डाइविंग पूल भी है. इसमें 1200 वाहनों के लिए बहुमंजिला पार्किंग की भी व्यवस्था है. साथ ही जयप्रकाश नारायण के जीवन और विचारों से जुड़ा संग्रहालय भी बनाया गया है. खास बात यह है कि इसमें एक ओपन एयर रेस्त्रां और हेलीपैड भी है
70 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान
अधिकारियो ने बताया कि लंबे समय से बंद पड़ा यह आलीशान इमारत खंडहर में तब्दील होती जा रही है. इस इमारत में लगी एस्केलेटर, एसी, लिफ्ट और करोड़ो की लाइटें बेकार हो गई हैं. ऐसे में इसके रख-रखाव पर करीब 70 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है.
अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक JPNIC का निर्माण बहुउद्देश्यीय सम्मेलन केंद्र के रूप में कराया जा रहा था. इसका निर्माण कार्य साल 2013 में शुरु हुआ ता, जो कि अमूमन 18.6 एकड़ में फैला हुआ है. तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने इसके निर्माण का ठेका रियल एस्टेट कंपनी शालीमार संजय सेठ को दिया था. साल 2016 तक इसके निर्माण पर 813 करोड़ रुपए खर्च हो गए थे. वहीं 11 अक्टूबर, 2016 को अखिलेश यादव ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया था, जिसमें ऑल वेदर ओलंपिक साइज स्वीमिंग पूल और बहुउद्देश्यीय कोर्ट में खेलों से जुड़ी प्रस्तुति भी संपन्न हुई थी. हालांकि, 2017 में सरकार बदलने के बाद योगी सरकार में आवास राज्य मंत्री सुरेश पासी ने JPNIC के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. जिसके बाद सरकार ने जांच के आदेश दे दिए और बाद में इसे बंद कर दिया गया.














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