सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता मीडिया प्रभारी
यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक केमिकल है जो प्यूरिन के टूटने पर बनता है। यह खून में मौजूद वेस्ट प्रोडक्ट होता है जो आमतौर पर यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। हालांकि कई बार यह शरीर से बाहर नहीं निकल पाता है जिससे इसका मात्रा बढ़ने लगती है। ऐसे में सुबह की कुछ आदतें इसके बढ़ते लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है।
Highlight
1.यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक केमिकल है, जो यूरिन के जरिए बाहर निकलता है।
2.हालांकि, कई बार यह शरीर में जमा होने लगता है। जिससे इसके लेवल बढ़ने लगता है।
3.ऐसे में सुबह की कुछ आदतों की मदद से बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल कर सकते हैं।
शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ता स्तर कई समस्याओं का कारण बनता है। इन दिनों हाई यूरिक एसिड कई लोगों के लिए परेशानी ही वजह बना हुआ है। शरीर में इसका लेवल बढ़ने की वजह से अक्सर गठिया जोड़ों में दर्द और किड़नी की समस्या देखने को मिलती है। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इसके लेवल को कंट्रोल किया जाए। यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक केमिकल कंपाउंड है,जो प्यूरीन नाम के प्रोटीन के टूटने से बनता है। यह खून में मौजूद वेस्ट प्रोडक्ट है,जो आमतौर पर यूरिन के जरिए शरीर में बाहर निकल जाता है। हालांकि,गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से अक्सर शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है। ऐसे में समय रहते इसकी बढ़ी हुई मात्रा को कंट्रोल करना जरूरी है।
कैसे कंट्रोल करें यूरिक एसिड
यूं तो हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए लोग अक्सर अपनी डाइट में बदलाव करते हैं। खाने में कुछ चीजें शामिल कर और कुछ चीजों का डाइट से बाहर कर यूरिक एसिड को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है,लेकिन कुछ आदतों की मदद से भी काफी हद यूरिक एसिड कंट्रोल हो सकता है। खासकर सुबह की कुछ आदतें काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ मॉर्निंग हैबिट्स के बारे में-
पानी पिंए
शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को बाहर निकालने का सबसे अच्छा तरीका है,पानी पीना। आमतौर पर यूरिक एसिड यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकलता है। ऐसे में सुबह उठते ही सबसे पहले पानी पीना बॉडी से यूरिक एसिड को बाहर करने का सबसे कारगर तरीका है।
सुबह-सुबह पिएं नींबू पानी
हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए नींबू भी एक बढ़िया तरीका है। यह यूरिक एसिड को कंट्रोल या बैलेंस करने में मदद करता है। साथ ही नींबू पाचन को भी बेहतर बनाता है,जो यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने से रोकने में मदद करता है।
घास पर चलना
आपने अक्सर बड़े-बूढ़ों और हेल्थ एक्सपर्ट्स को घास पर चलने की सलाह देते सुना होगा। सुबह-सुबह हरी घास पर चलना सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद होता है। इससे यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। दरअसल घास पर नंगे पैर चलने से तलवों का नेचुरल एक्यूप्रेशर होता है,जो किडनी की फंक्शनिंग को बढ़ाता है,जिससे यूरिक एसिड आसानी से शरीर से बाहर निकल जाता है।
Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।


















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