Parul Rathaur
प्रयागराज
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्र और डेलिगेट्स ने महाकुंभ प्रयागराज के दौरान परमार्थ निकेतन, शिविर में पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी का पावन सान्निध्य व आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया

महाकुंभ के दिव्य अवसर पर परमार्थ निकेतन शिविर, अरैल, प्रयागराज में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के 15 छात्र और डेलिगेट्स का दल आया। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से आये छात्रों ने डा साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन में अपने जीवन व अध्यात्म से संबंधित विभिन्न सरस्याओं का समाधान प्राप्त किया। पूज्य साध्वी जी के सान्निध्य में सत्संग के माध्यम से अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। उन सभी के लिये आज की इस दोपहर और संध्या का अनुभव अद्भुत रहा, जिसमें उन्होंने भारत की पवित्र धरोहर और सनातन संस्कृति को महसूस किया और इस आध्यात्मिकता से युक्त अद्भुत संगम पर गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किए।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों और डेलिगेट्स ने अपनी महाकुम्भ यात्रा की शुरुआत साध्वी भगवती सरस्वती जी के साथ एक दिव्य सत्संग से की, जिसमें उन्होंने भारतीय आध्यात्मिकता की शाश्वत विद्या और महाकुंभ मेला के महत्व पर अपने विचार साझा किए। इस संवाद के माध्यम से साध्वी जी ने छात्रों को सनातन शिक्षिाओं को आज के वैश्विक चुनौतियों जैसे पर्यावरणीय संरक्षण, अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष समाधान और आंतरिक शांति से जोड़कर समझाया।
इसके बाद, छात्रों ने परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित त्रिवेणी संगम में होने वाली पवित्र गंगा जी की आरती में सहभाग किया, जहां गंगा, यमुन और अदृश्य सरस्वती जी के संगम पर पवित्र संगीत और विश्व शान्ति यज्ञ में आहुतियां समर्पित कर अद्भुत अनुभव प्राप्त किया।

छात्रों को पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पूज्य स्वामी जी ने छात्रों को पर्यावरण समर्पित और पारिस्थितिकी जिम्मेदारी से युक्त जीवन जीने हेतु प्रेरित किया।
उनकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा परमार्थ निकेतन शिविर में पर्यावरणीय रूप से जारी सतत पहलों का दर्शन करना भी था। उन्होंने ईको फ्रेंडली और सिंगल यूज फ्री आश्रम के दर्शन किये और इस मॉडल की भूरि-भूरि सराहना की, जो आध्यात्मिक सिद्धांतों से जुडने के साथ़ पर्यावरणीय चेतना का भी प्रतीक है।
ऑक्सफोर्ड संस्कृत अध्ययन केंद्र का यह भ्रमण महाकुंभ की दिव्यता, भव्यता व नव्यता का प्रतीक है। जो दुनिया भर से लोगों को एकत्र करता है ताकि वे एकता, दिव्यता और सुदृढ़ता के अनुभव को महसूस कर सकें। परमार्थ निकेतन, भारत की शाश्वत विद्या को पूरे विश्व में साझा करने की प्रतिबद्धता का उन छात्रों को संकल्प कराया।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्र और डेलिगेट्स ने गद्गद होकर अनेक नूतन यादों के साथ यहां से प्रस्थान किया। महाकुम्भ से दिव्यता व भव्यता की यादों को अपने दिलों में संजोंये वे धन्यभाव से विदा हुये।


















Leave a Reply