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भारतीय किसान यूनियन चदूनी द्वारा किसानों की मांगों को लेकर दिया गया ज्ञापन

पत्रकार जितेंद्र कुमार यादव

जिला अलवर

भारतीय किसान यूनियन चदूनी द्वारा किसानों की मांगों को लेकर दिया गया ज्ञापन


सर्दी में फरवरी माह तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाए किसान भवन को ईपीएफओ कार्यालय से लेकर तुरंत प्रभाव से किसानों के लिए खोला जाए एवं विद्युत विभाग में निजीकरण बंद किया जाए और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा दिया जाए
ईआरसीपी प्रोजेक्ट से कृषि को पहले चरण में जोड़ा जाए

शीतकालीन सत्र में प्रमुख रूप से दिसंबर से फरवरी माह तक रात्रि का पारा काफी हद तक गिर जाता है ऐसे में किसान को भयंकर सर्दी और सर्द हवाओं के बीच फसल को पानी देना होता है किसानों के मांगे यह है कि शीतकालीन सत्र में फरवरी माह तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जाए ताकि किसान दिन में अपनी फसल को पानी दे सके किसानों ने यह आशा की है इस मुद्दे को आप गंभीरता से लेते हुए एक हफ्ते में स्थिति में सुधार करेंगे और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी नहीं तो किसानों का मजबूर होकर आंदोलन करना होगा

वीरेंद्रमोर ने बताया जिले का किसान भवन लंबे समय से मंडी अधिकारियों से ईपीएफओ कार्यालय लीज पर दिया हुआ है जिसकी एवज मैं मंडी अधिकारी मोटा पैसा किराए के रूप में खा रहे हैं जबकि क्षेत्र के किसान को रात्रि बरसात या सर्दी के मौसम में कहीं बाहर भटकना पड़ता है जिस किसान भवन का लाभ किसानों को मिलना चाहिए प्रशासन की लापरवाही की वजह से ईपीएफओ कार्यालय को सोपा गया है किराए के रूप में3,00,000 रुपए प्रति महा पैसा लेकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और बताया कलेक्टर को कई बार ज्ञापन दिया गया लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया जब तक हम कलेक्टर से नहीं मिलेंगे तब हम ऐसे ही गेट के बाहर धरना प्रदर्शन करते रहेंगे हमें चाहे कितने भी दिन हो जाए जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी हम इसी तरह धरने पर रहेंगे
प्रदेश सरकार विद्युत विभाग में निजीकरण कर विद्युत विभाग को निजी कंपनी को ठेके पर शॉप में जा रही है जिसे सिर्फ विद्युत कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा विद्युत विभाग के निजी हाथों में जाने के बाद किसानों को मिलने वाली सब्सिडी और अन्य सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी जिसका सीधा असर किस पर पड़ेगा घाटे में खेती कर रहे किसान के लिए प्रदेश सरकार का यह फैसला किसानों को मारने वाला साबित होगा जिसमें उपस्थित रहे सूरज चौधरी, मैनेजर शिफाक खान, मौलाना हनीफ, वीरेंद्र नरूका, रामवीर मीणा, वीर सिंह चोरोटी, ताईर खान, दिनेश छाजू रामपुरा, विश्राम मीणा, कमल सरपंच, जगन्नाथ गोयल, कान सिंह, निर्मला शर्मा, नीनू शर्माआदि उपस्थित रहे

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