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कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर 11 दिसंबर को जलाए जाएंगे 18 हजार दीपक… उत्तराखंड की छपेली, पंजाब का गतका और हिमाचली नाटी से गूंजे ब्रह्मसरोवर के घाट..

कुरुक्षेत्र: अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ब्रह्म सरोवर के तट पर 11 दिसंबर को सायं 4 बजे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थी 18 हजार दीप प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से सहभागिता करेंगे।

लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि 11 दिसंबर को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ब्रह्मसरोवर पर दीपोत्सव कार्यक्रम के मुख्यातिथि होंगे जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठन, अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इस विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों द्वारा दीप दान की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

गोहाना की प्रसिद्ध जलेबी ने महोत्सव में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस विशेष अवसर पर, ताऊ बलजीत ने अपनी हाथ से बनी जलेबी से मेले में आए पर्यटकों का दिल जीत लिया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी ताऊ बलजीत ने अपनी जलेबी खिलाई, जो खासतौर पर देशी घी से बनाई जाती है और इसकी ख़ास पहचान है।

कुरुक्षेत्र ब्रह्म सरोवर के पास स्थित क्राफ्ट और सरस मेले में हस्तशिल्पियों द्वारा अपनी कला प्रदर्शित की जा रही है, वहीं विभिन्न प्रदेशों के खानपान का भी आनंद लिया जा सकता है। गोहाना की जलेबी, जो अपनी खास बनावट और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, इस महोत्सव में भी पर्यटकों को लुभा रही है।

गोहाना की जलेबी का स्वाद और बनावट

सभी को आकर्षित करती है। यह जलेबी देशी घी, मैदा, और चीनी से बनाई जाती है और करीब 15 दिनों तक ताजगी बनाए रखती है। इसकी बनावट भी अनूठी होती है, जहां एक किलो जलेबी में लगभग चार जलेबियां होती हैं और हर जलेबी का वजन करीब 250 ग्राम होता है।

वर्षों से, गोहाना की जलेबी अपनी खास पहचान बनाए हुए है और इस जलेबी की धूम देश-विदेश तक फैली हुई है। गीता जयंती महोत्सव में भी यह जलेबी पर्यटकों द्वारा खूब पसंद की जाती है, जो न केवल इसके स्वाद का आनंद लेते हैं, बल्कि इसके विशिष्ट आकार और स्वाद के कारण इसे देखना भी नहीं भूलते।

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश भर से आए शिल्पकार व कलाकारों ने पवित्र ब्रह्मसरोवर तटों की फिजा बदल दी है। दिन भर शिल्प व लोक कला की धूम चारों ओर मची है तो पर्यटक भी भरपूर उत्साह दिखा रहे हैं। हालांकि सोमवार को पांचवें दिन शनिवार व रविवार की तर्ज पर उम्मीद अनुसार भीड़ नहीं जुटी लेकिन हजारों पर्यटक पहुंचे।


लोक कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों पर पर्यटक थिरकते रहे तो ब्रह्मसरोवर के घाट भी लोकनृत्यों व वाद्य यंत्रों की धुनों से गूंजते रहे। सुबह से देर शाम तक ब्रह्मसरोवर के घाटों पर अलग-अलग राज्यों की संस्कृतिक रंग पर्यटकों को देखने को मिले तो जमकर खरीददारी भी की। शिल्पकारों से लेकर लोक कलाकार व पर्यटकों में भरपूर उत्साह बना रहा।

विभिन्न राज्यों की कला के संगम के बीच कलाकार अपने-अपने राज्य की कला का बखूबी बखान कर रहा है। कलाकारों का कहना है कि आज के आधुनिक जमाने में भी उन्होंने अपनी कला को जिंदा रखा है, अपनी कला को विदेशों तक पहुंचा रहे हैं। विदेशों की धरती पर भी उनकी कला ने उनका नाम रोशन किया है। महोत्सव में कलाकारों द्वारा उत्तराखंड के छपेली, पंजाब के गतका, हिमाचल प्रदेश के गद्दी नाटी, राजस्थान के बहरुपिए, पंजाब के बाजीगर, राजस्थान के लहंगा, मंगनीयार व दिल्ली के भवई नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी जा रही है।

यह कलाकार गीता महोत्सव पर 15 दिसंबर तक लोगों को अपने-अपने प्रदेशों की लोक कला के साथ जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस महोत्सव पर आने के लिए देश का प्रत्येक कलाकार आतुर रहता है। पर्यटकों को फिर से ब्रह्मसरोवर के तट पर लोक संस्कृति को देखने का अवसर मिल रहा है। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र (एनजेडसीसी) की तरफ से विभिन्न राज्यों के कलाकार महोत्सव में पहुंच चुके हैं। यह कलाकार लगातार अपनी लोक संस्कृति की छठा बिखेरने का काम करेंगे।

सांसद नवीन जिंदल अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का अवलोकन करने पहुंचे। इस दौरान नवीन जिंदल ने नगाड़ा बजाया और कलाकारों से मुलाकात की। इसके बाद सांसद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 2030 तक कुरुक्षेत्र को विकसित क्षेत्र बनाने का हमारा लक्ष्य है, जिसमें हर व्यक्ति खुशहाल जीवन जीए और लोगों की आय में वृद्धि हो।

नवीन जिंदल ने कहा कि 23 जनवरी को फ्लैग डे के रूप में बनाने की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी 2004 को हमें तिरंगा लहराने का हक मिला था और हम सरकार से सिफारिश करेंगे कि इस दिन को फ्लैग डे के रूम में मनाया जाए।

इसके साथ सांसद ने कहा कि कुरुक्षेत्र मैं कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे इसको लेकर हमने नवीन छात्रवृत्ति योजना शुरू की है, जिसमें हम जरूर बन छात्रों की पढ़ाई में मदद करेंगे।


केंद्रीय उर्जा मंंत्री एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंचे। इस दौरान मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि 2016 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुरुक्षेत्र में गीता जयंती महोत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि गीता महोत्सव की सभी व्यवस्थाएं ठीक रूप से चले इसके लिए मैंने अधिकारियों के साथ बैठक की है। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस अपने नेता प्रतिपक्ष नहीं चुन पाई है, तब केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह प्रश्न कांग्रेस से ही पूछा जाए।

2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य

इसके साथ मनोहर लाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तक बनाने का लक्ष्य देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। देश की अर्थव्यवस्था अच्छी हो, तभी यह भारत विकसित भारत बनेगा। खट्टर बोले कि ऊर्जा के माध्यम से ही देश की प्रगति हो। ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और हम चाहते हैं कि 2047 तक इसकी पूर्ति हो जाए। मांग के हिसाब से ऊर्जा की पूर्ति हो लोगों को ऊर्जा की दिक्कत ना आए। इसके लिए मैंने सभी राज्यों में जाकर बैठकें की है। 2047 तक ऊर्जा की पूरे देश में कमी ना रहे ऐसा हमारा प्रयास है।

ये रहे मौजूद

इस बैठक में 48 कोस निगरानी समिति के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानव सचिव उपेंद्र सिंघल, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य मौजूद रहे।

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