खेतों में फसल अवशेष और पराली न जलाने को लेकर किसानों को किया जा रहा जागरूक
पलवल-12 अक्तूबर
कृष्ण कुमार छाबड़ा
जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार फसल अवशेष और पराली न जलाने को लेकर जिला के गांव-गांव में जाकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। वहीं पराली जलाने वाले किसानों पर लगातार जुर्माना भी किया जा रहा है। इसके अलावा जिला में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अतिरिक्त उपायुक्त अखिल पिलानी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

जिला उपायुक्त में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 16 लोकेशन हरसेक द्वारा चिन्हित की गई है जिनमें से 11 स्थान पर आगजनी पाई गई और विभाग द्वारा चालान काटकर इन किसानों को दंडित किया गया है। वहीं एक स्थान पर कृषि विभाग की टीम ने खेत में आगजनी करते हुए किसान का चालन भी काटा है। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ और अतिरिक्त उपायुक्त अखिल पिलानी द्वारा ग्राम स्तर पर कृषि विभाग और राजस्व एवं पंचायत विभाग को आदेश दिए हुए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करें और वे टीम सहित सक्रिय भी रहे। पलवल में एक ग्राम रेड जोन और 12 गांव यलो जोन में चिह्नित किए गए हैं। यदि इन गांव में आगजनी नहीं होती तो एक लाख रुपए रेड जोन वाले गांव की पंचायत और 50 हजार रुपए यलो जोन की ग्राम पंचायत को इनाम स्वरूप प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। इसके अलावा किसानों को भी पराली प्रबंधन के लिए 1000 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जा रहा है।
पलवल की उपमंडल अधिकारी एवं एसडीएम ज्योति ने टीम के साथ खेतों में जाकर किसानों को पराली न जलाने का आह्वान करते हुए उसका उचित प्रबंधन करते हुए आर्थिक लाभ कमाने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि खेतों में फसल अवशेष और पराली जलाने वाले किसानों पर प्रशासन द्वारा जुर्माना लगाकर दंडित भी किया जा रहा है, इसलिए कोई भी किसान अपने खेतों में फसल अवशेष और पराली न जलाए, बल्कि उसका उचित प्रबंधन करके आर्थिक लाभ लें। वहीं जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई टीमें खेतों और गांव में जा-जाकर किसानों को फसल अवशेष और पराली न जलाने को लेकर जागरुक कर रही है। इसके अलावा पराली जलाने से पर्यावरण और जमीन को होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।


















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