दिल्ली रिपोर्टर नरेश शर्मा की रिपोर्ट
दिल्ली मे लग्जरी गाड़ियों की चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ तकरीबन 1,25 करोड़ के वाहन बरामद
दिल्ली पुलिस बताया कि मंहगी गाड़ियां उड़ानें वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है आरोपियों में से एक इस्तियाक पहले भी आटो लिफ्टिंग, चोरी, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और एक मकोका समेत 95 से अधिक मामलों मे शामिल
पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस की एटीएस टीम ने 100 से ज्यादा लग्जरी गाड़ी चोरी करने के आरोप मे एक वाहन चोर को गिरफ्तार किया आरोपी इश्तियाक उर्फ सूखा के पास से पुलिस ने 1,25 करोड़ रुपए गाड़ी बरामद की गई आरोपी जिस कंपनी की गाड़ी चोरी करता था उसी कंपनी टूल्स का इस्तेमाल करके लाॅक तोड़ता था इसके बाद डमी चाबी की मदद से गाड़ी चोरी कर फरार हो जाता था फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके गिरोह की जानकारी जूटा रही है

कैसे पता की गाड़ियों की लोकेशन
पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि जिले मे वाहन चोरी की वारदातें रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है इस अभियान के तहत एएटीएस इंचार्ज मनीष चौधरी की टीम वाहन चोरी के मामले की जांच कर रही थी पुलिस टीम ने स्मार्ट माॅनिटरिगं टूल्स के जरिए एनपीआर कैमरों की मदद से चोरी की गाड़ियों की लोकेशन ढूंढी
शालीमार बाग से पकड़ा आरोपी
एएसआई दशरथ ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से लोकेशन को पुख्ता कर शालीमार बाग मे ट्रेप लगाकर आरोपी को पकड़ लिया पुलिस की जांच मे सामने आया कि आरोपी मूलतः मेरठ का रहने वाला है और वर्तमान गाजियाबाद में रहता है अपराध की दुनिया मे आरोपी को कई उपनाम दिए गए है जिस समय पुलिस ने उसे पकड़ा वह नारायणा इलाके से चोरी लग्जरी गाड़ी मे सवार था
दो किलोमीटर तक पीछा किया
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इंस्पेक्टर मनीष की टीम ने आरोपी की गाड़ी के सामने लगाकर उसे रोकने का प्रयास किया गया लेकिन वह कट मार कर भागने में सफल हो गया था जिसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी का दो किलोमीटर तक पिछा कर दबोच लिया गया पूछताछ मे बताया गया कि वह केवल लग्जरी गाड़ी चोरी करता था उसके साथी जिस लग्जरी गाड़ी को चोरी करने का आर्डर देते थे वह उस कंपनी के औजार जुटाता था और फिर गाड़ी का ताला तोड़कर डमी चाबी की मदद से चोरी कर फरार हो जाता था
आरोपी पर 95 केस दर्ज
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपी पर पहले 95 दर्ज़ है जिनमें से 80 केवल वाहन चोरी के है बाकी 15 मामले आर्म्स एक्ट, ठगी, और गंभीर धारा धाराओं मे दर्ज़ है आरोपी पर पुलिस ने मकोका भी लगाया हुआ है पुलिस की जांच सामने आया कि आरोपी ने 2003 मे पहली कार मे म्यूजिक सिस्टम चोरी किया था जिसके बाद उसने अपने दोस्त वसीम और सिकंदर के साथ मिलकर गिरोह बनाया और वाहन चोरी करने लगा


















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