रिपोर्टर रजनीश पाण्डेय सूरत गुजरात सत्यार्थ न्यूज
बांग्लादेश के हालात का सूरत का टेक्सटाइल पर असर:कपड़ा व्यापारी चिंतित 500 करोड़ का कारोबार ठप, करीब 100 करोड़ का पेमेंट फंसा
पिछले साल बांग्लादेश में 1200 करोड़ रुपए का मैनमेड फैब्रिक एक्सपोर्ट किया गया था।
मंदी के दौर से गुजर रहे सूरत के कपड़ा व्यापार के सामने एक और समस्या आ गई है। बांग्लादेश से होने वाला करोड़ों का व्यापार ठप पड़ गया है। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्ता पलट हो गया है। वहां भारी उथल-पुथल चल रही है। देशभर में हिंसा फैली हुई है। बांग्लादेश में बिगड़े हालात का असर सूरत के कपड़ा बाजार पर भी पड़ रहा है।
करीब 500 करोड़ का कपड़ा कारोबार प्रभावित हुआ है। व्यापारियों को पेमेंट भी अटकने की चिंता सता रही है। सूरत से पिछले साल 1200 करोड़ रुपए का कपड़ा बांग्लादेश को एक्सपोर्ट किया गया था। एक कपड़ा व्यापारी के मुताबिक सूरत से प्रति माह 500 करोड़ से अधिक का कपड़ा कोलकाता जाता है। इसमें से करीब 50 फीसदी यानी 250 करोड़ का माल इनडायरेक्ट बांग्लादेश पहुंचता है। सूरत के कपड़ा व्यापारियों का पेमेंट पिछले एक माह से फंसा हुआ है।
सूरत से करीब 1200 करोड़ का मैनमेड फेब्रिक बांग्लादेश सप्लाई होता है।
100 करोड़ से अधिक का पेमेंट अटका
सूरत से 700 से 800 कपड़ा व्यापारी वाया कोलकाता बांग्लादेश से व्यापार सप्लाई करते हैं। 10 अक्टूबर को दुर्गा पूजा का त्योहार है। इसमें सूरत के कपड़ा कारोबारी 300 से 400 करोड़ की साड़ी, ड्रेस मटेरियल सप्लाई करते हैं। यह व्यापार पूरी तरह ठप है। भारत-बांग्लादेश बॉर्डर सील कर दिया गया है। 100 करोड़ से अधिक का पेमेंट अटक गया है। हालांकि, जो फैब्रिक सप्लायर एडवांस पेमेंट लेकर व्यापार करते हैं, उनका पेमेंट नहीं रुका है।
डीजीएफटी एक्सपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक सूरत से करीब 1200 करोड़ का मैनमेड फेब्रिक बांग्लादेश सप्लाई होता है। वैसे भी यह साल सूरत कपड़ा उद्योग के लिए काफी कठिन रहा है। अब तक सारे सीजन में अपेक्षा के अनुसार व्यापार नहीं होने से निराशा है। बांग्लादेश से व्यापार की जो संभावनाएं थीं, उसमें भी मायूसी नजर आ रही है।
भारत से बांग्लादेश को प्रमुख रूप से सूती धागा, पेट्रोलियम उत्पाद, अनाज और सूती कपड़े भेजे जाते हैं।
300 से 400 करोड़ रुपए की कपड़ा सप्लाई भी प्रभावित हुई
एसएमए अध्यक्ष और कपड़ा व्यापारी नरेंद्र साबू ने बताया कि सूरत से वाया कोलकाता बांग्लादेश बड़े पैमाने पर साड़ी और ड्रेस सप्लाई किए जाते हैं। वहां मची भारी उथल-पुथल ने सूरत के कपड़ा व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। 10 अक्टूबर को बांग्लादेश में दूर्गा पूजा का त्योहार मनाया जाता है। दुर्गा पूजा सीजन में सूरत के कपड़ा व्यापारी बांग्लादेश से 300 से 400 करोड़ का व्यापार करते हैं।
वहां हालात अच्छे नहीं होने से दुर्गा पूजा सीजन का व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कपड़ा उद्यमी गिरधर गोपाल मूंदड़ा ने बताया कि डीजीएफटी के आंकड़ों के मुताबिक बांग्लादेश में पूरे गुजरात से 312 यूएस मिलियन डॉलर यानी करीब 2600 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट होता है। इसमें मानकर चलें की सूरत से एमएमएफ टेक्सटाइल का 1200 करोड़ का एक्सपोर्ट होता है।
सूरत के व्यापारी 90 और 120 दिन की उधारी पर भी बांग्लादेश को कपड़े सप्लाई करते हैं।
बांग्लादेश भारतीय रुपए में करता है ट्रेड
भारतीय उपमहाद्वीप में बांग्लादेश भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझीदार है। भारत से बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर निर्यात होता है। भारत ने वित्त वर्ष 2023 में बांग्लादेश को 6,052 वस्तुओं का निर्यात किया था। यह निर्यात 12.20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था। वित्त वर्ष 22 में 16.15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ था।
भारत से बांग्लादेश को प्रमुख रूप से सूती धागा, पेट्रोलियम उत्पाद, अनाज और सूती कपड़े भेजे जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत हुए हैं। इसका प्रमाण इसी बात से मिलता है कि दोनों देशों के बीच भारतीय रुपए में ट्रेड किया जाता है। हालांकि वर्तमान में बांग्लादेश से व्यापार पूरी तरह ठप है।
दुर्गा पूजा सीजन में सूरत के व्यापारी बांग्लादेश से 300 से 400 करोड़ का व्यापार करते हैं।
उधारी में भी होता है बिजनेस
कोलकाता से 60, 90 और 120 दिन की उधारी पर सूरत के कपड़ा व्यापारी साड़ी, ड्रेस मटेरियल, लहंगा बांग्लादेश को सप्लाई करते हैं। कोलकाता के व्यापारी भी बड़े पैमाने पर बांग्लादेश में कपड़ा सप्लाई करते हैं। मेरा भी कपड़ा कोलकाता जाता है। पिछले एक महीने से पेमेंट की समस्या देखने को मिल रही है। सूरत के कपड़ा व्यापारियों का कोलकाता के रास्ते बड़े पैमाने पर व्यापार होता है।
हंसराज जैन, जॉइंट सेक्रेटरी, फोस्टा
दुर्गापूजा सीजन की सप्लाई रुकी
सूरत से प्रति माह 100 करोड़ रुपए से अधिक का फैब्रिक वाया कोलकाता बांग्लादेश जाता है। हालांकि एडवांस पेमेंट लेकर फैब्रिक सप्लाई किया जाता है, इसलिए पेमेंट को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं है। हालांकि बांग्लादेश में कपड़े की सप्लाई पिछले 15 दिनों से रुकी हुई है। सप्लाई कितने दिनों तक बंद रहेगी, कुछ नहीं कहा जा सकता है। फिलहाल व्यापार ठप हैं।


















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