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महराजगंज : हरियाली तीज 07 अगस्त को मनाया जाएगा।

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हरियाली तीज 07 अगस्त को मनाया जाएगा।

www.satyarath.comwww.satyarath.comमहराजगंज, हरियाली तीज का व्रत,सुहागिन महिलाओं के लिए बड़ा ही खास होता है। महिलाएं इस त्योहार का पूरे साल बेसब्री से इंतज़ार करती हैं।हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं,अपने अखण्ड सुहाग,तथा पति के लंबी उम्र की कामना लिए जहां रखती हैं,वहीं कुंवारी लड़कियां मनचाहा सुयोग्य वर को पति रूप में पाने के लिए रखती हैं।

हिंदू सनातन धर्म में हरियाली तीज का बहुत ही विशेष महत्व है।हरियाली तीज का व्रत रखने से जहां सुहागिन महिलाओं का सुहाग अक्षुण (अखण्ड) रहता है,वहीं कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।हरियाली तीज व्रत अगर पहली बार कोई नवविवाहित महिला या कुंवारी लड़कियां रखती हैं तो,उन्हें विशेष नियमों को ध्यान में रखकर ही व्रत करना चाहिए…

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श्रावण मास भगवान शिव का अतिप्रिय महीना होता है। सावन मास में आने वाले सभी व्रत एवं पर्व का अपना अलग ही महत्व होता है।इस महीने में हर सोमवार को देवाधिदेव महादेव भगवान शिव की पूजा, तप एवं आराधना की जाती है।सावन में सोमवार का दिन जितना प्रिय भगवान शिव को है,उतना ही मंगलवार का दिन माता पार्वती को भी प्रिय है।सावन के महीने में मनाए जाने वाली,हरियाली तीज व्रत को बेहद खास बताया गया है।धार्मिक मान्यता है कि हरियाली तीज का व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।तो वहीं सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के और अखण्ड सुहाग लिए तीज व्रत रखती हैं।बतादें कि अगर आप नवविवाहित हैं,और आप पहली बार हरियाली तीज का व्रत रख रही हैं,तो कुछ जरूरी बातों और नियमों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

व्रत से एक दिन पहले मेंहदी लगाना आवश्यक होता है:-

हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए खास माना जाता है।इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और विधि – विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।हरियाली तीज व्रत पर्व पर मेंहदी का विशेष महत्व बताया गया है।यह नव विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वैवाहिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक है।…और मेंहदी को हर कार्य में शुभ माना जाता है,इसकी तासीर ठंडी होती है।

हरे रंग के वस्त्र पहनें:-

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है।इस दिन देवाधिदेव महादेव भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।हरियाली तीज व्रत करने से जीवन में उर्वरता,सुख – शांति और समृद्धि का प्रतीक पर्व माना जाता है।इस दिन नवविवाहित महिलाओं को हरे रंग की साड़ी या कुंवारी लड़कियों को हरे रंग का सूट पहनना चाहिए।हरियाली तीज व्रत के दिन महिलाओं को सोलहो श्रृंगार कर पूजा करने का विशेष विधान है।

हरियाली तीज पर रखा जाता है निर्जला व्रत:-

हरियाली तीज व्रत बिना कुछ खाए-पिए रखा जाता है।
इस दिन रात को चंद्रमा की पूजा के बाद ही व्रत खोला (पारण किया) जाता है।अगर आप किसी भी वजह से निर्जला व्रत रखने में सक्षम (अस्वस्थ की स्थिति में हैं यदि तो) नहीं हैं,तो फलाहार व्रत रखने के संकल्प के भी साथ आप व्रत रख सकती हैं।

क्यों करना चाहिए सोलह श्रृंगार…?

माता पार्वती को स्त्रीत्व और सुहाग की देवी माना जाता है।और सोलह श्रृंगार को उनका प्रतीक भी माना गया है।
हरियाली तीज पर जब आप माता पार्वती की पूजा करती हैं तो सोलह श्रृंगार करना कदापि ना भूलें।इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

हरियाली तीज व्रत का कथा जरूर सुनें:-

हरियाली तीज का व्रत रखकर इस दिन विधि – विधान से देवाधिदेव महादेव भगवान शिव और माता पार्वती जी की पूजा करने के साथ ही साथ तीज व्रत की कथा को जरूर पढ़ना या सुनना चाहिए। इससे आपका वैवाहिक/दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है।ऐसी मान्यता है कि जो महिलाएं व्रत कथा सुनती व पढ़ती हैं,उन्हें अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है,इसके साथ ही वैवाहिक जीवन भी सुखमय रहता है।

व्रती सुहाग का सामान जरूर भेंट करें:-

हरियाली तीज व्रत में सुहागिन महिलाएं पूजा के बाद माता रानी को चढ़ाया हुआ सिंदूर अपनी मांग में भरें,तथा पति की लंबी उम्र की कामना जरूर करें।इस दिन स्त्रियां अपनी सास माता या सास के समान किसी अन्य महिला को सुहाग का सामान जरूर भेंट करनी चाहिए।

रात को चंद्रमा को दें अर्घ्य:-

हरियाली तीज व्रत का पारण रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही किया जाता है।वहीं कुछ महिलाएं अगले दिन सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में व्रत खोलती (व्रत का पारण करती हैं) हैं।व्रत पारण में पूजा में भोग लगाया हुआ प्रसाद सबसे पहले स्वयं ग्रहण किया जाता है।इसके बाद ही भोजन किया जाता है।

पति की लम्बी आयु के लिये रखा जाता है व्रत:-

हरियाली तीज व्रत का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है।इस दिन महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा पहनकर, मेहंदी लगाकर और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। नवविवाहिताओं के लिए मेहंदी का विशेष महत्व होता है।यह उनके सुहाग और वैवाहिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक है।

इस वर्ष हरियाली तीज व्रत 07 अगस्त दिन बुधवार की मनाया जाएगा…

सत्यार्थ वेब न्यूज

शिवरतन कुमार गुप्ता “राज़”

Mon.9670089541

महराजगंज 05/08/024

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