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मथुरा : बच्चे के अपहरण का मामला: शातिरों ने ऐसे बुना था जाल, उलझी रही पुलिस।

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न्यूज रिपोर्टर का नाम मोनू खान 

दिनांक…01/08/24

जिला मथुरा…. स्थान मथुरा….

बच्चे के अपहरण का मामला: शातिरों ने ऐसे बुना था जाल, उलझी रही पुलिस।

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•  बच्चे के अपहरण का मामला: शातिरों ने ऐसे बुना था जाल, उलझी रही पुलिस; सामना हुआ… तो दोनों के पैर भेद गई गोलीआगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव तुर्किया निवासी दो दोस्तों ने बच्चे का अपहरण किया था। 10 लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश के मथुरा में 12 वर्षीय बालक का अपरण करने के आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बालक को उनके चंगुल से सकुशल बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि 10 लाख रुपये की फिरौती के लिए आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव तुरकिया निवासी दो दोस्तों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी स्तर से 25 हजार रुपये पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र दिया गया है। वहीं, डीजीपी स्तर से मेडल दिलाने की मांग उच्चाधिकारियों से की है। घटना फरह थाना क्षेत्र स्थित ओल कस्बा के गांजोली गांव मार्ग की हैएसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बुधवार रात पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। बताया कि आगरा स्थित अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव तुरकिया निवासी देवेंद्र, इसी गांव के खड़ग सिंह उर्फ अरब आगरा को करनाल नहर शहजादपुर गुर्जर पुलिया के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। देवेंद्र के दोनों और खड़ग सिंह के एक पैर में गोली लगी। इनकी निशानदेही पर अपहृत बालक रूपेश चौधरी पुत्र मनोज कुमार निवासी ग्राम गांजौली, फरह को शहजादपुर गुर्जर पुलिया के पास एक गड्ढे में हाथ-पैर व मुंह बंधी हुई हालत में बरामद किया गया। गिरफ्तारी व खुलासा करने वाली टीम में इंस्पेक्टर फरह कमलेश सिंह, वृंदावन इंस्पेक्टर रवि त्यागी, सदर बाजार इंस्पेक्टर संजीव कुमार दुबे, जमुनापार इंस्पेक्टर छोटेलाल, स्वाट प्रभारी अभय शर्मा, सर्विलांस प्रभारी विकास शर्मा, एसओजी प्रभारी राकेश कुमार, एसआई नितिन त्यागी, नितिन तेवतिया, अर्जुन सिंह, केशव वशिष्ठ, अशोक कुमार व इनकी टीम शामिल रही।राहगीरों से फोन मांगकर की कॉल, मांगी 10 लाख की फिरौती

मंगलवार को रूपेश का उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह अपने बड़े भाई भूपेश के साथ कस्बा ओल से साइकिल पर सवार होकर लौट रहा था। एसपी सिटी डा. अरविंद कुमार ने बताया देवेंद्र और खड़ग सिंह ने शाम करीब 5.30 बजे उसका अपहरण किया था। 9.30 बजे करीब पहला कॉल फिरौती के लिए बालक की मां के फोन पर आया, जो कि सैपऊ, धौलपुर से किया गया था। इसके बाद रात भर कोई फोन नहीं किया था। बुधवार को सुबह से लेकर दोपहर तक तीन बार अपहरणकर्ताओं ने बच्चे की मां के फोन पर कॉल की। धमकी दे रहे थे कि 10 लाख का शाम तक इंतजाम नहीं किया तो जान से मारने की धमकी दी।रात भर बच्चे को भूखा रखा, धौलपुर-आगरा के बॉर्डर के इलाकों में घुमाते रहे

एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा ने बताया कि बदमाशों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह बच्चे का अपहरण करने के बाद उसे यहां से सीधे धौलपुर ले गए थे। वहां से रात भर उसे धौलपुर के इलाकों में घुमाने के बाद सैपऊ, रूपवास, बसई नवाब, मनिया इलाके में लेकर घूमते रहे। बदमाश इतने शातिर हैं कि वह किसी एक स्थान पर अधिक देर तक नहीं रुके। रात भर यह स्थान बदलते रहे। रात भर उसे भूखे पेट रखा। बुधवार सुबह उसे एक भंडारे में खाना खिलाया। बच्चे ने बताया कि उसने कुछ लोगों की ओर मदद भरी निगाहों से देखा तो बदमाशों ने उसे हथियार दिखाकर डरा दिया था। अपहरण के लिए देवेंद्र ने अपने भाई की बाइक का इस्तेमाल नंबर प्लेट बदलकर किया।

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