बारां केलवाड़ा
राज सुमन
डॉक्टर होते है भगवान का दूसरा रूप सीएचसी केलवाड़ा के डॉक्टर्स ने एक बार फिर किया साबित,
सर्पदंश से पीड़ित 10 वर्षीय मासूम छाया को दिया जीवनदान,
केलवाड़ा:- छाया पुत्री कन्हैया लाल उम्र 10 साल निवासी खिरिया को बेहोशी की हालत में उसके परिजन सीएचसी केलवाड़ा लेकर आए। छाया सर्पदंश से पीड़ित थी।सीएचसी में तैनात डॉक्टर अमित भारतीय, डॉ महेंद्र सिंह मीणा ने देखा तो बालिका की साँसे एवं धड़कने लगभग बंद हो गई थी. डॉक्टरों की टीम ने बालिका को आगे ले जाने की सलाह दी. आगे ले जाने से छाया के परिजनों ने मना कर दिया. संसाधनों के अभाव होते हुए भी डॉ अमित भारतीय एवं डॉक्टर महेंद्र सिंह मीणा बालिका के उपचार में लग गए. नर्सिंग स्टाफ के साथ कई घंटे बालिका की जान बचाने का प्रयास किया अंतः दोनों डॉक्टरों के प्रयासों से मासूम बालिका छाया को जीवन दान मिला। ऐसा कारनामा दोनों ही डॉक्टर ने पहली बार नहीं किया है पूर्व में भी संसाधनों के अभाव में लोगों की जान बचा चुके हैं. शायद इसीलिए डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है.


















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