न्यूज़ रिपोर्टर जीतेश मीना
जनपद- दौसा
दो बच्चों समेत विवाहिता के आत्महत्या का मघापनाः सुसाइड के लिए मजबूर करने पर पति, जेठ और जेठानी को पांच साल की कैद
बादीकुई
बसवा में एक विवाहिता और उसके दो बच्चों के जिंदा जलने के 11 साल पुराने एक मामले में एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए इस मामले मे आरोपी पति, जेठ और जेठानी को विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए पांच साल की सजा और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
अपर लोक अभियोजक राजेश भड़ाना ने बताया कि 11 अप्रैल 2013 को वार्ड 19 की देवतवाल कॉलोनी निवासी अवधेश कुमार शर्मा ने मामला दर्ज कराया था कि उसकी बहन मिथिलेश शर्मा उर्फ पिंकी की शादी वर्ष 2006 में नरेंद्र कुमार तिवाड़ी निवासी बसवा के साथ हुई थी। शादी के बाद बहन के 5 साल की बेटी और 3 साल का लड़का भी था। जब तक मेरी बहन के ससुर और दादी ससुर जिंदा थे जब तक वह घर में सुखी थी। उनके मरने के बाद बहन को ससुराल पक्ष के अन्य लोग परेशान करने लग गए।
7 अप्रैल 2013 को जायदाद बंटवारे को लेकर मेरी बहन के साथ ससुराल पक्ष के लोगों ने मारपीट की। 8 अप्रैल 2013 को बहन के ससुराल पक्ष से सूचना मिली कि मेरी बहन और उसके दोनों बच्चे जलकर मर गए। इस मामले को लेकर विवाहिता के भाई ने ससुराल पक्ष के लोगों पर उसकी बहन और दोनों बच्चों को मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने का बसवा थाने मे मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में अनुसंधान अधिकारी ने बसवा के बड़ा बाजार निवासी विवाहिता के पति नरेंद्र तिवाडी, जेठ हितेंद्र तिवाड़ी और जेठानी मधु तिवाडी के खिलाफ अपराध प्रमाणित कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे संख्या दो सुनील कुमार गुप्ता ने शुक्रवार को विवाहिता के पति नरेंद्र तिवाड़ी, जेठ हितेंद्र तिवाड़ी और जेठानी मधु तिवाड़ी को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए सभी को पांच साल की कैद और प्रत्येक पर 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अपर लोक अभियोजक ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 19 गवाह और 32 दस्तावेज पेश किए गए।


















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