सिकल सेल की स्क्रीनिंग एवं जागरूकता हेतु विधायक-कलेक्टर की उपस्थिति में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित,
सिकल सेल पहचान कार्ड 13 हितग्राहियों को वितरित किया गया।

संवाददाता सूरज यादव
गौरेला पेंड्रा मरवाही,19 जून 2024/ विश्व सिकल सेल दिवस पर मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची और कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी की उपस्थिति में आज जिला चिकित्सालय में सिकल सेल की स्क्रीनिंग एवं जागरूकता हेतु जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति, महिला एवं बाल विकास और आदिवासी विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।कार्यक्रम में विधायक श्री मरपच्ची ने कहा कि सिकल सेल रोग के लक्षण, जांच एवं उपचार के लिए भारत सरकार के निर्देशानुसार सिकल सेल दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को सिकल सेल की स्क्रीनिंग एवं जागरूक करने विडियो कॉन्फ्रेसिंग से जुड़कर लोगों से चर्चा किए। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत वर्ष 2023 से 2026 तक शून्य से 40 वर्ष आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा रही है। कार्यक्रम में विधायक ने स्क्रीनिंग किए जा चुके 13 हितग्राहियों को सिकल सेल पहचान कार्ड वितरित किया। इस पहचान पत्र से उन्हे सिकल सेल रोग का समुचित इलाज और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। विधायक ने सिकल सेल रोग के पहचान,निदान एवं रोकथाम के लिए जन जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिला चिकित्सालय परिसर से रवाना किया।विश्व सिकल सेल दिवस पर कलेक्टर ने कहा कि सिकल सेल की जांच के लिए लोगों को प्रेरित करना है, उन्हे बताना है कि सिकल सेल शरीर के अंगों को प्रभावित करता है।उन्होने सिकल सेल के रोग के लक्षण बताएं और लक्षण होने की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच कराने लोगों से आग्रह किया। इस अवसर पर लोगों को सिकल सेल रोग के लक्षण, परामर्श, आहार प्रबंधन,क्या करें-क्या न करें से संबंधित पाम्पलेट वितरित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक लाल सिंह यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई नागेश्वर राव, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अतुल परिहार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री विभा टोप्पो,डॉ.के बी सिंह,डॉ हेमंत तंवर,डॉ.आशुतोष पाण्डेय, मंडल संयोजक आदिवासी विकास सुश्री नम्रता सहित मेडिकल स्टॉफ, महिला एवं बाल विकास तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।विश्व सिकल सेल दिवस पर लोगों को बताया गया कि हीमोग्लोबिन हमारे शरीर में सभी कोशिकाओं तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है लेकिन सिकल रोग में यह काम बाधित हो जाता है। यह एक अनुवांसिक रोग है। भूख न लगना,हल्का एवं दीर्घ कालीन बुखार रहना,थकावट,त्वचा एवं आंखों मे पीलापन (पीलिया), बार बार पेशाब आना व मूत्र में गाढ़ापन, तिल्ली में सूजन,चिड़चिड़ापन और व्यवहार में बदलाव,वजन और उंचाई सामान्य से कम, हांथ-पैरों में सूजन, सांस लेने में तकलीफ,हड्डियों और पसलियों में दर्द होना इस रोग का लक्षण है।यदि उक्त लक्षण है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंदों में निशुल्क जांच कराएं, इसके साथ ही पानी अधिक मात्रा में पिए,दैनिक आहार कि आदतों में संशोधन करे,शांत चित रहे एवं आराम करें,अत्यधिक तापमान से बचे, नियमित रूप से खेल खेलें, संक्रमण से बचें,नियमित जांच कराएं, नियमित योग करें,विवाह पूर्व सिकल सेल जांच कराएं।अधिक मात्रा में फाइबर एवं रेशेदार आहार लें। तेल और वसायुक्त मसालेदार खाद्य पदार्थों से परहेज करें। अधिक प्रोटीन वाले आहार ले एवं एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार चुने।


















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