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कानपुर : 21 जून योग दिवस के उपलक्ष्य पर कविता के माध्यम से कवि – चिंतक शिवसिंह ने बताया योग के फायदे व महत्व

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न्यूज रिपोर्टर “विमल गुप्ता”

कानपुर उत्तर प्रदेश 

16/06/2024

जनपद कानपुर देहात 

कलेनापुर 

 

21 जून योग दिवस के उपलक्ष्य पर कविता के माध्यम से कवि – चिंतक शिवसिंह ने बताया योग के फायदे व महत्व

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योग पर स्लोगन

योग ज्ञान है -विज्ञान है ।

योग सभी रोगों का निदान है ।।

योग यंत्र है- तंत्र है ।

योग स्वस्थ रहने का मूल मंत्र है ।।

प्यार इंसान को इंसान बना देता है।

योग बुड्ढो को भी जवान बना देता है।।

कविता – योग 

शास्त्र तो छः हैं , पर योग शास्त्र उन में नायक है ।

स्वस्थ रहने के लिए, यह सीखने लायक है।।

 योग वह ज्ञान है, जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ दे । योग वो कला है, जो रोगों से तुम्हारा नाता तोड़ दे।।

योग एक शास्त्र, इसे महर्षि पतंजलि ने लिखा था । हमारे ऋषियों- मुनियों ने , इसे तन- मन से सिखा था।।

आज योग गुरु है, हमारे बाबा रामदेव । स्वस्थ यदि रहना चाहो ,तो योग सीख लेव।।

खुराक खाय कसरत करो, और करो योग। नियम संयम भी अपना लो, जो रहना चाहो निरोग।।

रोग को प्राणायाम से मारो , और मारो योग से। बचे-खुचे को पतंजली औषधी लो, तो शरीर मुक्त हो रोग से ।।

शरीर के आन्तरिक विकारों में , यदि तुरंत चाहो आराम । तो फिर नियम से करो, प्रतिदिन प्राणायाम।।

यदि शरीर की फुर्ती में, तुम्हें चाहिए चमत्कार। तो फिर रोज सुबह उठकर, करिए सूर्य नमस्कार।।

आज योग पहुंच चुका है, विश्व के कोने-कोने में । असाध्य रोगों को भी, लगा है वह धोने में ।।

जब आम आदमी तक भी, योग पहुंच जाएगा । तब रोग मुक्त हो , हमारा भारत बलवान बन जाएगा ।।

 रोगी शरीर के लिए, योग रामबाण है। जिसने यह सीख लिया, उसका होना कल्याण है ।।

यदि तन को ब्याध लगी, तो शुरू करो योग । रोग सब छूमंतर, हो जाओगे निरोग।।

योग से लचीला हो जाए , तुम्हारे शरीर का एक-एक पुर्जा । योग करने से बढ़ जाए, तुम्हारे शरीर की ऊर्जा।।

योग से आत्म केंद्रित बन , साक्षात्कार करो आत्मा से । यही क्रम आगे बढ़ाकर , मिल सकोगे परमात्मा से ।।

इस जग में है, प्रथम सुख निरोगी काया । इसे वही पा सकता , जिसने है योग अपनाया ।।

योग से लाभ हो न हो, छोड़ो मन का यह अंदेशा । योग से निरोग बनोगे, है प्रिय जनों को संदेशा।।

 योग से हम खुश थे, फिर खुशी हो गई दून। जब से हमने सुना योग दिवस बना 21 जून।।

  कवि – चिंतक शिवसिंह 

  कानपुर देहात उत्तर प्रदेश

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