सत्यार्थ न्यूज़
रिपोर्टर : अनंत कुमार
रानी दुर्गावती के शौर्य और बलिदान को किया नमन, आरंगपानी में मनाया गया शहादत दिवस

आरंगपानी (सोनभद्र)। म्योरपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आरंगपानी के तेलियागड़ई टोला में बुधवार को वीरांगना रानी दुर्गावती का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रामरति पोया गोंड तथा विशिष्ट अतिथि गिरधर गोपाल एवं हरि प्रसाद सलबंधी मंत्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन युवा समाजसेवी राजू कुमार गुप्ता ने किया, जबकि आयोजन की अध्यक्षता रानी दुर्गावती समिति की अध्यक्ष सुलेखा देवी ने की।

मुख्य अतिथि रामरति पोया गोंड ने रानी दुर्गावती के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी सत्ता के सामने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और अंतिम सांस तक अपने स्वाभिमान एवं मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहीं। विशिष्ट अतिथि गिरधर गोपाल ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन साहस, नेतृत्व और त्याग की प्रेरणा देता है तथा समाज को उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम संचालक राजू कुमार गुप्ता ने रानी दुर्गावती के जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि उनका जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कालिंजर दुर्ग में हुआ था। बचपन से ही वे घुड़सवारी, तलवारबाजी और तीरंदाजी में निपुण थीं। वर्ष 1542 में उनका विवाह गोंडवाना के राजकुमार दलपत शाह से हुआ। पति की असामयिक मृत्यु के बाद उन्होंने अपने पुत्र वीर नारायण के नाम पर शासन की बागडोर संभाली और गोंडवाना राज्य को समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1564 में मुगल सेनापति आसफ खान ने गोंडवाना पर आक्रमण किया, लेकिन रानी दुर्गावती ने वीरतापूर्वक मुकाबला किया। युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने आत्मसमर्पण स्वीकार नहीं किया और 24 जून 1564 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका शौर्य और त्याग भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
कार्यक्रम में सुलेखा देवी गोंड, हरिकेश्वर, सुखलाल गोंड, राम बिनय, लखन, भगवान दास, पार्वती देवी, रानी देवी, अमरावती देवी, शांति देवी, फूलबस देवी, मानमती देवी, रेनू गुप्ता, राधा देवी, कुंती देवी, समिला देवी, उत्कर्ष गुप्ता सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।
अंत में उपस्थित लोगों ने रानी दुर्गावती के आदर्शों पर चलने तथा समाज में शिक्षा, एकता और स्वाभिमान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।













Leave a Reply